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मौत की सजा के लिए फांसी ही सबसे सुरक्षित विकल्प: सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र का जवाब

केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सजा-ए-मौत के लिए फांसी को ही सबसे बेहतर विकल्प बताया है।

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सजा-ए-मौत के लिए फांसी को ही सबसे बेहतर विकल्प बताया है। केन्द्र सरकार ने हलफनामे में कहा कि मौत की सजा के लिए लीथल इंजेक्शन फांसी से कहीं अधिक नृशंस तरीका है। इसलिए लिए कैपिटल पनिशमेंट के लिए फांसी ही उचित माध्यम है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को मौत की सजा के तरीकों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी।


फांसी सुरक्षित तरीका

सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर केन्द्र सरकार ने कहा कि मौत की सजा के लिए फांसी जल्दी और बेहद सुरक्षित तरीका है। जबकि गोली मारना या फिर लीथल इंजेक्शन कैपिटल पनिशमेंट ज्यादा खतरनाक व अमानवीय तरीका है। हलफनामे में केन्द्र सरकार ने यह भी कहा कि कैपिटल पनिशमेंट की सजा भी अति-दुर्लभ मामलों में दी जाती है। इसलिए फांसी बाकि के माध्यमों में सबसे उचित है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कैपिटल पनिशमेंट के लिए फांसी के अलावा कोई अन्य तरीका तलाशने की बात कही थी। अन्य माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय का मतलब मौत की सजा के लिए एक ऐसे माध्यम से था जो शांति और पीड़ा रहित हो।

लगता है 30 से 40 मिनट का समय

इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि मौत के सजा के लिए फांसी के स्थान पर कोई अन्य विकल्प अपनाया जाना चाहिए। याचिका में फांसी को सबसे पीड़ादायक और नृशंस तरीका बताया गया है और इसके स्थान पर लीथल इंजेक्शन, गोली मारने, करंट या गैस चैंबर जैसे तरीकों को अपनाने की मांग की है। याचिका में मौत की सजा पूर्ण करने के लिए फांसी को सबसे अधिक समय लेने वाला तरीका बताया गया है। बताया गया है कि इस तरीके में 30 से 40 मिनट का समय लगता है, जो अन्य तरीकों की तुलना में कहीं अधिक है।

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