- डॉक्टर के सुधाकर राव ( K Sudhakar Rao ) को पिछले महीने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया था - डॉक्टर के सुधाकर राव ने सरकार पर प्रोटेक्टिव गियर ( Protective Gear ) और पीपीई किट्स ( PPE Kits ) मुहैया नहीं कराने का आरोप लगाया था
विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ) के विशाखापट्टनम में रहने वाले डॉक्टर के सुधाकर राव ( Doctor K Sudhakar Rao ) एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं। दरअसल, सरकार के आलोचक कहे जाने वाले डॉक्टर के सुधाकर राव को पुलिस ने मेंटल हास्पिटल भेज दिया है, जबकि उनका कहना है कि वह पूरी तरह फिट है।
पिछले महीने सस्पेंड हुए थे डॉक्टर के सुधाकर
आपको बता दें कि इससे पहले अप्रैल के महीने में के सुधाकर राव ने आंध्र प्रदेश सरकार पर प्रोटेक्टिव गियर और पीपीई किट्स मुहैया न कराने का आरोप लगाया था। उस वक्त भी वो चर्चा का विषय बन गए थे। इसके बाद उन्हें अनुशासनात्मक आधार पर निलंबित कर दिया गया था। अब उन्हें मेंटल हॉस्पिटल भेज दिया गया है।
टीडीपी ने सरकार पर उठाए सवाल
दरअसल अब ये पूरा मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। विपक्ष में बैठी तेलुगूदेशम पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार डॉक्टर से बदला ले रही है क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे।
डॉक्टर की पिटाई का वीडियो आया था सामने
पिछले दिनों उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें पुलिस के द्वारा उनकी पिटाई की जा रही थी। वीडियो में उनके शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं है। वीडियो में दिख रहा है कि एक पुलिस कॉन्स्टेबल उन्हें लात मारकर जमीन पर गिरा देता है। डॉक्टर सुधाकर के हाथ उनकी पीठ पर बंधे हुए थे और एक कॉन्स्टेबल उन्हें बुरी तरह से पीट रहा था।
कौन हैं डॉ. सुधाकर और क्या है विवाद
- डॉ. सुधाकर राव, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले के नरसीपट्टनम क्षेत्रीय सरकारी हॉस्पिटल में बतौर एनेस्थियोलॉजिस्ट काम करते हैं। पिछले महीने एक मीटिंग में उन्होंने प्रोटेक्टिव गियर के अभाव की बात उठाई और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके आरोप लगाने पर अधिकारियों ने उन्हें मीटिंग से बाहर कर दिया था।
- इसके बाद भी सुधाकर चुप नहीं हुए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था, “सरकार कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और स्टाफ को पर्याप्त संख्या में प्रोटेक्टिव गियर और पीपीई किट्स मुहैया नहीं करा रही है। हमें एक मास्क को 15 दिन तक इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, उसके बाद ही हम दूसरा मास्क मांग सकते हैं।”
- उनकी इस टिप्पणी का वीडियो वायरल होते ही राज्य सरकार ने उनके आरोपों पर जांच के आदेश दे दिए और अनुशासनात्मक आधार पर डॉ. सुधाकर को सस्पेंड कर दिया था।