
uttarakhand fire
श्रीनगर। उत्तराखंड के गढ़वाल जिले के श्रीनगर में जंगल में लगी आग 5 दिनों से बुझाई नहीं जा सकी है। इस आग में कई जंगली जानवर मारे गए हैं। भारी मात्रा में वन्य जीवन के साथ साथ प्राकृतिक पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आग ऋषिकेश-बद्रीनाथ को जोड़ने वाले राजमार्ग संख्या 58 तक फैल गई है। इस क्षेत्र में चीड़ का जंगल होने और तेज हवा चलने से आग तेजी से फैल रही है।
धधक रहे जंगल
गर्मी काहराम पर पहुँचते ही पहाड़ों पर जंगल आग से धधकने लगे हैं। गढ़वाल जिले के श्रीनगर में शहर से कुछ ही दूरी पर जंगलों में लगी आग पांचवे दिन भी नहीं बुझ सकी है। बताया जा रहा है कि श्रीनगर के पास थेआना पहाड़ी से लेकर सरणा तक का चीड़ के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। आग इतनी विकराल है कि इसकी चपेट में पौड़ी जिले के रामपुर क्षेत्र का जंगल भी आ गया। इस आग के सामने वन विभाग खुद को लाचार पा रहा है। हालत यह है कि जंगलों में लगी आग बुझाने के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं हैं। अब वन विभाग मौसम में बदलाव की उम्मीद लगा रहा है ताकि इस विकराल आग पर काबू पाया जा सके।
आग बुझाने को नहीं हैं वनकर्मी
पौड़ी के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि 'उपलब्ध संसाधनों के बल पर जंगलों में लगी आग बुझाने का कार्य कर्मचारी प्राथमिकता से कर रहे हैं। यह जरूर है कि जंगलों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं लेकिन जिनते भी वन कर्मी उपलब्ध हैं वह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आग जल्द बुझाई जा सके।' उन्होंने बताया कि आठ फायर गार्डों की एक टीम बनाई गई है। आग लगने की सूचना मिलने पर ते टीमें जंगल में भेजी जाती हैं।
डर के साए में स्थानीय निवासी
आग के चलते इस समूचे इलाके में नागरिकों के बीच डर व्याप्त हो गया है। श्रीनगर के आसपास डांग ऐठाणा क्षेत्र साथ ही खोला फॉरेस्ट रेंज के ग्रामीणों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समूचे क्षेत्र में नयालगढ़, लुनेटा, घुड़दौड़ी सहित आठ क्रू स्टेशन बनाए गए हैं जिन पर दो-दो कर्मचारी आग बुझाने के लिए तैनात किये गए हैं।
Published on:
22 May 2018, 8:45 AM IST
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