
GC Murmu appointed as the Comptroller and Auditor General of India
नई दिल्ली। बतौर जम्मू एवं कश्मीर ( Jammu and Kashmir ) के पहले उपराज्यपाल पद से इस्तीफा देने के एक ही दिन बाद गिरीश चंद्र मुर्मू को गुरुवार को भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ( Comptroller and Auditor General of India ) नियुक्त कर दिया गया। संविधान में प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) ने गुरुवार को जीसी मुर्मू ( gc murmu ) को यह जिम्मेदारी सौंपी।
इस संबंध में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में गुरुवार शाम को बताया गया कि मुर्मू को उनके दफ्तर संभालने के दिन से ही भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ( Comptroller and Auditor General of India (CAG) ) नियुक्त किया जाता है। अब मुर्मू शनिवार को पद की शपथ लेंगे।
मुर्मू ने राजीव महर्षि ( rajiv mehrishi ) का स्थान लिया है जो इस सप्ताह सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक सूचना में गुरुवार को दिन में कहा गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा धारा 370 को समाप्त करने के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर को दो संघ क्षेत्रों में विभाजन की घोषणा के ठीक एक साल बाद ( Article 370 Abrogation Anniversary ) बुधवार को उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
बुधवार को जीसी मुर्मू ने इस्तीफा दे दिया है, इस तरह की खबरें सोशल मीडिया के साथ-साथ राज्य के भीतर फैली रहीं। वहीं, घाटी के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ( Omar Abdullah ) के एक ट्वीट से मुर्मू के इस्तीफा देने की अटकलों को और बल मिला।
अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर के एलजी को लेकर सामने आ रहीं सभी चर्चाओं का क्या मतलब है? कुछ घंटों पहले यह कहीं से बाहर आई थी और अचानक सोशल मीडिया और जम्मू एवं कश्मीर में व्हाट्सएप पर आ गई।"
बुधवार को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक जीसी मुर्मू के भारत के अगले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के रूप में पदभार संभालने की संभावना है। संभवता उनके राजीव महर्षि की जगह लेने की उम्मीद है जो इस सप्ताह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। और गुरुवार को यह खबरें सत्य भी साबित हो गईं।
मुर्मू ( LG GC Murmu ) ने आधिकारिक तौर पर जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। जीसी मुर्मू 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के अधिकारी हैं। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव के रूप में भी कार्य किया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बीते वर्ष 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आए थे, जब नरेंद्र मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। इस अनुच्छेद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था और इसके समाप्त होने से राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक मुर्मू ने बुधवार शाम इस्तीफा दे दिया क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उन्हें कैग संभालना पड़ सकता है या उन्हें केंद्र में कुछ अन्य आरामदायक और सम्मानजनक स्थान मिल सकता है। एक सूत्र ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, "उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, और उन्हें केंद्र में कुछ शीर्ष स्थान पर समायोजित किया जाएगा। इसके बारे में उन्हें बताया गया है।"
Updated on:
07 Aug 2020 12:26 am
Published on:
07 Aug 2020 12:20 am

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