Monsoon Session 2020: सदन चलाने के लिए हाइब्रिड और वर्चुअल विकल्प पर विचार, दोनों सदनों के अध्यक्षों की बैठक

  • Monsoon Session 2020: उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू ( Venkaiah Naidu ) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Om Birla ) की बैठक
  • सदन को चलाने के लिए हाइब्रिड ( Hybrid ) और वर्चुअल ( Virtual ) विकल्प पर विचार
  • विज्ञान और सेन्ट्रल हॉल में एक साथ नहीं बैठ सकते हैं सांसद

नई दिल्ली। देश में इन दिनों कोरोना वायरस ( coronavirus ) संकट जारी है। इस महामारी के कारण पूरा देश प्रभावित है। वहीं, संसद का मॉनसून सत्र ( Parliament Monsoon Session 2020 ) कैसे चलेगा इस पर चर्चा शुरू हो गई है। मॉनसून सत्र ( Monsoon Session 2020 ) चलाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ( Venkaiah Naidu ) ( उपराष्ट्रपति ) के बीच बैठक हुई। इस बैठक में दो विकल्पों पर विचार किया गया है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र को चलाने के लिए हाइब्रिड ( Hybrid ) और वर्चुअल ( Virtual ) विकल्प पर विचार किए जा रहे हैं।

सेन्ट्रल हॉल में एक साथ नहीं बैठ सकते सभी सांसद

दरअसल, कोरोना संकट के कारण सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जिसके कारण लोकसभा ( Lock Sabha ) और राज्यसभा ( Rajya Sabha ) में एक साथ सभी सांसद नहीं बैठ सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा में 245 सांसदों के बैठने की जगह है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेंन कराने के लिए केवल 60 सांसद ही बैठ सकते हैं। जबकि, लोकसभा और सेन्ट्रल हॉल ( Central Hall ) में एक सौ सांसद ही बैठ सकते हैं। लिहाजा, मॉनसून सत्र को चलाने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

हाइब्रिड ( Hybrid ) और वर्चुअल ( Virtual ) विकल्प पर विचार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Om Birla ) और वेंकैया नायडू ( Venkaiah Naidu ) ने सदन को चलाने के लिए विज्ञान पर भी विचार किया, लेकिन एक साथ सभी सांसदों को यहां भी बैठान संभव नहीं है। ऐसे में वर्चुअल और हाइब्रिड विकल्प पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाइब्रिड सत्र के तहत कुछ सांसदों को संसद आने की अनुमति होगी, जबकि बाकी सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मॉनसून सत्र में हिस्सा ले सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से एक विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में दोनों सदनों के महासचिवों को भी इससे अवगत कराया गया है। साथ ही उनसे अन्य विकल्प तलाशने के लिए भी कहा गया है। क्योंकि, से साफ है कि सेन्ट्रल हॉल और विज्ञान भवन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी सांसदों को एक साथ नहीं बैठाया जा सकता है। बैठक में कहा गया है कि वर्चुअल पार्लियामेंट के विभिन्न विकल्पों की तलाश किया जाए। यहां आपको ये भी बता दें कि वर्चुअल बैठक तब तक संभव नहीं है, जब तक संसद के दोनों सदनों में इस बारे में प्रस्ताव पारित नहीं किया जाए। गौरतलब है संसद का मॉनसून सत्र का जुलाई में आरंभ होता है। लिहाजा, सदन को चलाने के लिए हर विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

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Kaushlendra Pathak
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