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देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने उठाए ऐतिहासिक कदम– प्रधान

प्रधान बोले- पूरी दुनिया आज मंदी की चपेट में फिर भी भारत की मुद्रास्फीति नियंत्रण में है सरकार ने आर्थिक सुस्ती से पार पाने के लिए की कई घोषणाएं
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देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने उठाए ऐतिहासिक कदम– प्रधान

देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने उठाए ऐतिहासिक कदम– प्रधान

नई दिल्ली। आर्थिक सुस्ती की गिरफ्त से भारतीय अर्थव्यवस्था ( Indian Economic Slodown ) को बाहर निकालने के लिए सरकार ने बूस्टर पैकेज की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले के बाद केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा इस्ताप मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान (Union Minster of Petroleum and Gas Dharmendra Pradhan ) ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंदी का साया नहीं है। प्रधान ने कहा कि भारत की अर्थ व्यवस्था को 5 ट्रिलियन करने और आर्थिक विकास दर को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का प्रभाव कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा।

विश्व में मंदी का माहौल

भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत करते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा इस्ताप मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि आज अमरीका और चीन के बीच व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा व सउदी में बड़े तेल प्रतिष्ठान पर हमला व उत्पादन में कमी के कारण पूरे विश्व की आर्थिक स्थिति में मंदी का माहौल है। वैश्विक अर्थ व्यवस्था के प्रतिकूल स्थिति के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक प्रबंधन के कारण भारत की मुद्रास्फीति नियंत्रण में है ।

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करपोरेट टैक्स में कटौती से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी

प्रधान ने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपए के गरीब, मध्यवित्त व उच्च मध्यवित्त परिवारों के लिए गृह ऋण देश के बाजार को मजबूत करेगा । साथ ही कार्पोरेट टैक्स में 1.45 लाख करोड रुपये के टैक्स में रियायत देश के अर्थ व्यवस्था को गतिशील करेगा ।उन्होंने कहा कि कार्पोरेट टैक्स को कम किये जाने के बाद एशिया में कंपनियों पर लगने वाले सबसे कम टैक्स लागू करने वाला देश भारत बन गया है ।

केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि यह टैक्स वर्तमान में सिंगापुर के साथ समान है । उन्होंने कहा कि 30 प्रतिशत कार्पोरेट टैक्स को कम कर 22 प्रतिशत किया गया है । अतिरिक्त देय व सेस को मिला कर यह 25.17 प्रतिशत होगा जो पहले 34.9 प्रतिशत होगा। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2019 के बाद पंजीकृत होने वालीं विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों के आय कर को 15 प्रतिशत तक सीमित किया गया है ।

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आर्थिक सुस्ती से पार पाने की कवायद

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर सुस्ती का असर दिख रहा है। आर्थिक विकास दर घटकर 5 फीसदी हो गई है। लगातार जीडीपी ग्रोथ में कमी, ऑटो सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में गिरावट को देखते हुए सरकार ने इंडस्ट्री को बूस्ट करने के लिए कई घोषणाएं की हैं। पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू कंपनियों और कॉरपोरेट कर में कटौती की घोषणा की इसके अलावा कैपिटल गेन टैक्स से सरचार्ज हटाने का भी ऐलान किया। सरकार की घोषणा के बाद ही शेयर बाजार में भारी उछाल दिखा।