
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 735 को पार कर चुकी है। कोरोना जैसे जानलेवा संक्रमण के चलते देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन ( Lock Down ) भी घोषित किया गया है। वहीं केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों तक हर कोई इस घातक वायरस से निपटने में जुटा है। इस बीच बेंगलूरु से अच्छी खबर सामने आई है।
दरअसल पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना से बचाव के लिए इसका हल ढूंढने में जुटी है। ऐसे में बेंगलूरु के एक डॉक्टर ने कोविड-19 से इलाज में अहम जानकारी दी है। डॉक्टर की मानें तो हम कोरोना का इलाज ढूंढने के करीब हैं।
बेंगलुरु में ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विशाल राव ने कोरोना को लेकर जानकारी दी हैं। उन्होंने मानव शरीर में कुछ सेल इंटरफेरॉन रसायन छोड़ते हैं। ये रसायन किसी भी वायरस को किल या खत्म करने का काम करते हैं।
लेकिन कोविड-19 वायरस हमारी इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोध क्षमता पर असर डालता है ऐसे में हमारी कोशिकाएं वायरस को मारने वाला इंटरफेरॉन छोड़ नहीं पाते। ऐसे में हम कोशिश कर रहे हैं कि कुछ प्रीपिंट के जरिये कोशिश को मजबूत करें ताकि वो इंटरफेरॉन छोड़ सकें। इससे कोविड-19 वायरस को किल करने में मदद मिलेगी।
जब हम नियमित जांच के लिए रक्त निकालते हैं, तो हमें बफी कोट मिलता है, जिसका उपयोग कोशिकाओं को निकालने और इंटरफेरॉन बनाने के लिए किया जा सकता है। ये दो रसायन और कुछ अन्य साइटोकिन्स, एक विशिष्ट संवहन में, संभवतः COVID19 रोगियों के इलाज में बहुत उपयोगी हो सकते हैं।
डॉ. राव ने कहा कि हमने साइटोकिन्स का निर्माण किया है जिसे COVID19रोगियों में प्रतिरक्षा प्रणाली को पुन: सक्रिय करने के लिए इंजेक्ट किया जा सकता है।
हम एक प्रारंभिक चरण में हैं और इस सप्ताह के अंत तक इसके पहले सेट के साथ तैयार होने की उम्मीद है। हमने शीघ्र समीक्षा के लिए सरकार को आवेदन दिया है।
चूंकि यह टीका नहीं है, इसलिए यह COVID-19 के संक्रमण को रोक नहीं सकता है। यह COVID-19 पॉजिटिव मरीजों पर केंद्रित है।