19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विज्ञापन फ्रॉड लगे तो मोबाइल है ना, यहां करें व्हाट्सएप

भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए आस्की ने जारी किया वॉट्सएप नम्बर

2 min read
Google source verification

image

Anil Kumar

Mar 15, 2016

ASCI Whatsapp

ASCI Whatsapp

जयपुर। टेलीविजन पर बहुत-से ऐसे विज्ञापन आते हैं, जो न सिर्फ आपको गुमराह करते हैं, बल्कि कई बार आप खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। कुछ विज्ञापनों में तो इस हद तक अश्लील सामग्री देखने को मिलती है, जो चैनल बदलने को मजबूर कर देती हैं। ऐसे में यदि आप भी इस तरह के विज्ञापनों से परेशान हैं, तो सीधे वॉट्सएप कीजिए।

Whatsapp नम्बर लॉन्च
भ्रामक विज्ञापनों पर अब वॉट्सएप से नजर रखी जाएगी। हाल ही द एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने Whatsapp नम्बर 7710012345 लॉन्च किया है। इसमें तीन दिन में ही ढेरों शिकायतें दर्ज की गई हैं। आस्की के अनुसार, लोगों को वॉट्सएप करने में आसानी रहेगी, जिसके कारण ज्यादा से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो सकेंगी। इसके अलावा कंज्यूमर्स मोबाइल एप, फोन और वेबसाइट से जुड़कर भी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।

हेल्थकेयर-एजुकेशन सबसे आगे
आस्की के पास आने वाली शिकायतों में हेल्थकेयर और एजुकेशन के विज्ञापनों की संख्या सबसे ज्यादा है। हेल्थकेयर की हर महीने 10 से 15 प्रतिशत तक शिकायतें दर्ज होती हैं। इसमें वेट कम करने और बढ़ाने की गारंटी देने, डायबिटीज को दूर करने या फिर सेक्सुअल प्रोडक्ट को लेकर बहुत सारे दावे जैसे कई विज्ञापन शामिल हैं। इसी तरह एजुकेशन की बात करें, तो टीवी पर ऐसे कई विज्ञापन आते हैं, जिनमें यूनिवर्सिटी को नम्बर वन बताया जाता है या फिर जॉब देने की गारंटी जैसी भ्रामकता फै लाई जाती है।

बढ़ी ई-कॉमर्स की शिकायतें
ई-कॉमर्स के विज्ञापनों की शिकायतों का ग्राफ भी बढ़ रहा है। आस्की की ओर से हाल ही जारी की गई दिसम्बर-2015 की शिकायत सूची में ई-कॉमर्स की सात शिकायतों को सही ठहराया है। दिसम्बर में 79 विज्ञापनों की शिकायतों में से 42 को सही माना गया है, जिन पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है।

-भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए आस्की ने जारी किया वॉट्सएप नम्बर
-मोबाइल एप आस्की ऑनलाइन पर भी आ रही हैं शिकायतें
-हेल्थ केयर और एजुकेशन संबंधी विज्ञापनों की शिकायतें ज्यादा


इस तरह की शिकायतें
-देश के एक बड़े हार्ट सेंटर के हार्ट ब्रोकेज ट्रीटमेंट बिना ऑपरेशन, रिजल्ट की पक्की गारंटी और 'यूएस अपू्रव्ड थैरेपी के सभी दावे खोखले।
-एक स्कूल, जो राजस्थान का नम्बर वन होने दावा करता है, यहां तक कि यह भी क्लेम करता है कि वह इंडिया का पहला ऐसा ब्रेन स्कूल है, जो डीएमआई टेक्नोलॉजी के साथ काम करता है।
-देश की एक नामी ई-वेबसाइट का यह दावा है कि वह फ्री डिलीवरी करती है, वो भी फेक निकली।
-एक ई-कॉमर्स वेबसाइट ने एक कास्ट को लेकर टिप्पणी की।
-एक टेलीकम्यूनिकेशन कम्पनी, जिसका 50 प्रतिशत कैश बैक का दावा भी खोखला है।

एप पर अच्छा रिस्पॉन्स
आस्की की ओर से पिछले दिनों लॉन्च हुए एएससीआईऑनलाइन को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। एप के जरिए 10 से 15 प्रतिशत तक शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इसी तरह, वेबसाइट पर 80 प्रतिशत तक शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। फोन पर भी हर महीने 250 से 300 तक शिकायतें देखने को मिल जाती हैं। गौरतलब है कि आस्की हर महीने कंज्यूमर्स की शिकायतों के अनुसार एक सूची जारी करती है, जिसमें उन कम्पनियों के नाम होते हैं, जिन्हें आस्की की ओर से भ्रामक माना जाता है।

ये भी पढ़ें

image