
नई दिल्ली: पिछले 48 घंटो से सोशल साइट्स पर FaceApp काफी ट्रेंड कर रहा है। लोगों के बीच ये ऐप इतना पॉपुलर हो चुका है कि अधिकतर लोग इसका इस्तेमाल कर अपने बढ़ापे वाली तस्वीरों को सोशल साइट्स पर जम कर शेयर कर रहे हैं। लेकिन इस ऐप के इस्तेमाल से यूजर्स की प्राइवेसी पर सवाल उठ रहे हैं। तो आइए जानते हैं क्या कहती है कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी। साथ ही इसी तरह के अन्य ऐप्स के बारे में भी जानते हैं।
FaceApp को साल 2017 में लॉन्च किया गया था। कंपनी की माने तो इस ऐप में दिया गया फिलटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर यूजर्स की तस्वीरों को बदल देता है। इस ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी का कहना है कि हमारी सर्विस ऑटोमैटिकली कुछ लॉग फाइल इनफॉर्मेशन रिकॉर्ड करती है। इनमें यूजर्स का वेब रिक्वेस्ट, आईपी अड्रेस, ब्राउजर टाइप, यूआरएल और इस्तेमाल करने की जानकारी शामिल है। हालांकि कंपनी ने अपनी पॉलिसी में यह जानकारी दी है कि यह यूजर्स के इजाजत के बिना उनका डाटा ना तो रेंट पर देगी और ना ही बेचेगी। लेकिन इससे यूजर्स का डाटा कितना सुरक्षित होता यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। यह ऐप आईओएस और एंड्रॉयड दोनों पर उपलब्ध है।