इस फर्जी ऐप से सावधान रहें iphone यूजर्स, इस शख्स ने गंवाई जिंदगीभर की कमाई

ऐप स्टोर पर यूजर्स को भरोसा होता है कि वहां उन्हें सही ऐप ही मिलेगी। लेकिन कई बार वहां फर्जी ऐप्स भी आ जाती हैं, जिनकी पहचान करना भी आसान नहीं होता।

By: Mahendra Yadav

Published: 05 Apr 2021, 03:18 PM IST

एंड्रॉयड फोन में यूजर्स गूगल प्ले स्टोर से ऐप इंस्टॉल करते हैं। वहीं आईफोन यूजर्स ऐप स्टोर से, लेकिन कई बार लोग असली और फेक ऐप्स में पहचान नहीं कर पाते। ऐप स्टोर पर यूजर्स को भरोसा होता है कि वहां उन्हें सही ऐप ही मिलेगी। लेकिन कई बार वहां फर्जी ऐप्स भी आ जाती हैं, जिनकी पहचान करना भी आसान नहीं होता। ऐसे में अगर यूजर कोई फर्जी ऐप इंस्टॉल कर ले तो उसे बहुत भारी पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ एक शख्स के साथ हुआ। उसने ऐप स्टोर से अपने आईफोन में एक फर्जी ऐप इंस्टॉल कर ली और उसका नतीजा यह हुआ कि उसके जीवनभर की कमाई एक झटके में साफ हो गई।

यह ऐप की थी इंस्टॉल
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फिलिप क्रिस्टोडौलू नाम के एक व्यक्ति ने अपना बिटकॉइन बैलेंस चेक करने के लिए ऐप स्टोर से अपने आईफोन में Trezor ऐप इंस्टॉल किया। जब उसने ऐप स्टोर पर Trezor नाम का ऐप सर्च किया तो उसके सामने एक लिस्ट आई। फिलिप ने Trezor का ही लोगो वाली ऐप को इंस्टॉल कर लिया। साथ ही उसने भरोसे में बिना कुछ सोच ऐप में अपनी डिटेल्स भी भर दी। वह एक फर्जी ऐप थी और इससे फिलिप के अकाउंट से करीब 4.3 करोड़ रुपए उड़ गए।

यह भी पढ़ें— प्ले स्टोर पर कैसे पता करें कि ऐप फेक तो नहीं है?

app_store.png

बिटकॉइन के लिए पॉपुलर ऐप है Trezor
बता दें कि Trezor ऐप बिटकॉइन की जानकारी और लेन देन के लिए पॉपुलर ऐप है। दुनियाभर में करोड़ों लोग इस ऐप को यूज करते हैं। हालांकि आप इसकी फर्जी ऐप से सावधान रहे। दिखने में यह बिल्कुल असली जैसी लगती है। इसके लुक से फिलिप की तरह आप भी धोखा खा सकते हैं। यह फर्जी ऐप लोगों की फाइनेंशियल डिटेल्स लेकर उनके बैंक अकाउंट को खाली कर देती है।

यह भी पढ़ें— कहीं आपके फोन में भी तो WhatsApp फेक वर्जन डाउनलोड नहीं है, पड़ सकते हैं बड़ी मुसीबत में

फिलिप ने एप्पल को ठहराया जिम्मेदार
बता दें कि एप्पल ऐप स्टोर पर सिर्फ ट्रस्टेड ऐप्स ही आती हैं। किसी भी ऐप को ऐप स्टोर पर आने से पहले एक रिव्यू प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। सभी स्तर पर ऐप को सही पाए जाने के बाद ही वह ऐप स्टोर में पहुंचती है। अब सवाल यह उठता है कि इतने प्रोसेस के बाद भी यह फर्जी ऐप यहां कैसे पहुंची। वहीं फिलिप ने उनके साथ हुई घटना के लिए एप्पल को ही जिम्मेदार ठहराया है। वहीं कंपनी ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें बताया गया था कि यह एक क्रिप्टोकरेंसी ऐप नहीं बल्कि क्रिप्टोग्राफी ऐप है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि सबमिट होने के बाद यह क्रिप्टोकरेंसी ऐप में कैसे बदल गया।

Mahendra Yadav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned