
Smartphone से जुड़ी ये बातें हैं कितनी सच्ची व झूठी यहां जाने
नई दिल्ली: अक्सर हम स्मार्टफोन खरीदने से पहले उसके कैमरा, बैटरी बैकअप और अन्य फीचर्स को लेकर दूसरे से चर्चा करते हैं कि आखिर में कौन सा फोन लेना बेहतर होगा। इस दौरान हर कोई अपना-अपना सुझाव देता है। ऐसे में कुछ लोग यह भी कहते सुने जाते हैं कि रातभर फोन को चार्जिंग पर नहीं लगाना नहीं तो बैटरी खराब हो जाएगी। तो कुछ लोग यह करते हैं कि जितना ज्यादा मेगापिक्सल होगा फोटो उतना ही बेहतर होगा। चालिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर में इन सब बातों में कितना दम है और क्या ये वास्तव में हमारे फोन के लिए जरूरी है।
सबसे पहले बात करते हैं बैटरी कि क्योंकि अक्सर लोग फोन डिस्चार्ज होने पर यह कहते हैं कि किसी दूसरे के चार्जर से फोन नहीं चार्ज करना चाहिए वरना बैटरी खराब हो जाती है तो यह कहना बिल्कुल गलत है। अगर आप किसी दूसरे के चार्जर से अपने फोन को चार्ज कर भी रहे हैं तो बस यह ध्यान दें कि आखिर में दूसरी कंपनी के चार्जर की क्षमता आपकी कंपनी के फोन के चार्जर के बराबर है या नहीं।
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि रातभर फोन को चार्ज नहीं करना चाहिए ऐसा करने से हैंडसेट खराब होने लगता है तो यह भी पूरी तरह से गलत है क्योंकि फोन फुल चार्ज होने के बाद करेंट लेना बंद कर देता है। ऐसा जो लोग भी कहते हैं वो आपको भ्रमित करते हैं।
अब बात करते हैं कैमरा कि तो अक्सर यह सुनने को मिलता है कि जिस फोन में जितना ज्यादा मेगापिक्सल का कैमरा इस्तेमाल होता है वो उतना ही शानदार होता है तो यह गलत है। क्योंकि मेगापिक्सल के ज्यादा अपर्चर जैसी चीजें कैमरा में अहम रोल अदा करती है, जिसकी वजह से बेहतरीन फोटो लिया जाता है।
कई बार यह कहा जाता है कि ऑटो ब्राइटनेस को ऑन रखने से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है तो यह बिल्कुल गलत है। क्योंकि ऐसा करने से बैटरी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। आखिर में बात करते हैं सिग्नल की तो अक्सर कहा जाता है कि फोन में जितने सिग्नल दिखते है नेटवर्क उतना ही बढ़िया आता है, जबकि ऐसा नहीं। सिग्नल की क्वालिटी डेसीबल पर निर्भर करती है। कई बार आपने गौर किया होगा कि 1 सिग्नल होने पर भी बेहतरीन नेटवर्क आता है।
Updated on:
29 Oct 2018 04:14 pm
Published on:
29 Oct 2018 04:14 pm
