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बेस्ट रूई की कमी से कीमतें बढ़ीं, खपत बढ़ने के आसार

 किसानों की स्टॉक रखने की क्षमता बढऩे से पूरे सीजन की कपास आवक में इस साल गिरावट आई है। पिछले साल जनवरी तक की तुलना में इसमें अब तक करीब 19 प्रतिशत तक की कमी आई है।

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Shruti Agrawal

Apr 09, 2016

cotton

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इंदौर. रूई बाजार में बेस्ट माल की कमी आने से कीमतों में तेजी आई है। रूई 34500 से 34700 रुपए कैंडी बिकी। व्यापारियों ने बताया कि मिलोंं की बेस्ट क्वालिटी की रूई नहीं मिल रही है, जिससे आगे कीमतों में तेजी बनी रहने की उम्मीद है। धारणा 35000 के पार बिक जाने की लागाई जा रही है।

हालांकि यार्न में उठाव कम होने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम नीचे रहने से यहां जोरदार तेजी नहीं आ रही है। ऊंची कीमतों की आस में बेस्ट रूई किसानों ने रोक ली है। किसानों की स्टॉक रखने की क्षमता बढऩे से पूरे सीजन की कपास आवक में इस साल गिरावट आई है। पिछले साल जनवरी तक की तुलना में इसमें अब तक करीब 19 प्रतिशत तक की कमी आई है। देश अब तक 2 करोड़ 70 लाख गांठ रूई की आवक हो चुकी है। प्रदेश में 15.50 लाख गांठ आवक हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूई का भाव 59 सेंट चल रहा है।

खपत ज्यादा होने की उम्मीद
इस साल की तरह अगले साल भी वैश्विक स्तर पर कपास के उत्पादन के मुकाबले खपत ज्यादा होने की उम्मीद लगाई जा रही है। उत्पदान 229.5 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि खपत 238.9 लाख टन रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

2015-16 के लिए कपास उत्पादन अनुमान में और कटौती
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कपास के उत्पादन, खपत और भाव को लेकर अनुमान जारी करने वाली संस्था इंटरनेशनल कॉटन एडवायजरी कमेटी यानी आईसीएसी ने साल 2015-16 के लिए कपास के उत्पादन अनुमान में और कटौती की है। आईसीएसी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल दुनियाभर में कपास का उत्पादन घटकर सिर्फ 220.3 लाख टन यानी 1295 लाख गांठ (170 किलो) होने का अनुमान है। इससे पहले मार्च की रिपोर्ट में आईसीएसी ने साल 2015-16 के दौरान दुनियाभर में कपास उत्पादन 221.9 लाख टन होने का अनुमान जारी किया था।


अगले साल उत्पादन बढऩे का अनुमान
आईसीएसी के मुताबिक साल 2016-17 के दौरान दुनियाभर में कपास के उत्पादन में इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 2016-17 के दौरान वैश्विक उत्पादन बढ़कर 229.5 लाख टन होने का अनुमान है यानी मौजूदा वर्ष के मुकाबले अगले साल उत्पादन में 9 लाख टन से ज्यादा इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

भाव में आ सकती है रिकवरी
आईसीएसी के मुताबिक साल 2016-17 के दौरान कपास के भाव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकवरी आने का अनुमान लगाया जा रहा है। 2015-16 में कपास का औसत भाव 70 सेंट प्रति पौंड रहने का अनुमान लगाया जा रहा है जबकि आगले वर्ष यानी 2016-17 में औसत भाव 72 सेंट प्रति पौंड रहने की उम्मीद है।

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