शास्त्रों के अनुसार जिनकी मृत्यु दुर्घटना, अस्त्र या शस्त्र, विष से मृत्यु, आत्महत्या, जलकर, डूबकर, गिरने से, अचानक मृत्यु होना (चाहे किसी भी रूप में हुई हो) आदि का श्राद्ध चतुर्दशी के दिन किया जाता है। इसके अतिरिक्त जिन व्यक्तियों की अचानक मृत्यु हो गई हो और उनकी भी तिथि के बारे मे पता नहीं है, तब उनका श्राद्ध भी चतुर्दशी के दिन किया जाता है।