
डीएपी उर्वरक के 50 किलो की बोरी में मिल रहा है 40 किलो
पथरिया. विकास खण्ड के सोसायटी केंद्र सिलदहा के उप केंद्र ग्राम गंगद्वारी में किसानों को वितरण किए जाने वाले ग्रामोर डीएपी खाद की बोरी में अंकित वजन से कम मात्रा में दी जा रही है। क्षेत्र में यूरिया और खाद की किल्लत लगातार बनी हुई है। किसानों को समय पर फसल संबधित सामग्री नहीं मिल पा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लंबे इंतजार के बाद उपकेंद्र गंगद्वारी परिक्षेत्र के किसानों के लिए ग्रामोर डीएपी खाद मंगाई गई। सोमवार को सभी किसानों नेे लाइन में लगकर खाद भी लिया। कुछ समय पश्चात ही गंगद्वारी के रमेश नामक किसान ने डीएपी खाद के बोरी का वजन करके देखा तो स्थिति चौंकाने वाली थी। कारण, ग्रामोर नामक डीएपी खाद के बोरी में खाद की ग्रॉस वजन 50.120 किलो ग्राम नेट वजन 50 किलो ग्राम अंकित था, लेकिन इलेक्ट्रानिक मशीन से उसका वजन करने पर 42 .112 किलो ग्राम मालूम पड़ा। किसान रमेश ने यह बात उपस्थित सभी लोगों और किसानो को बताई, जो आग की तरह फैल गई। जानकारी मिलते कांगे्रस नेता राजेंद्र शुक्ला भी दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जिन-जिन उपस्थित किसानों ने उपकेंद्र से डीएपी लिया था, उन सभी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सोसायटी के सदस्यों के सामने क्रमश: अपनी अपनी बोरी का वजन कराया। प्रत्येक बोरी मे वजन कम ही निकला। किसी बोरी में 40.112 किग्रा, किसी में 39.68 किलोग्राम तो किसी बोरी में 45.600 किलो वजन निकला। किसान बद्री राजपूत ने बताया कि उसने उपकेंद्र गंगद्वारी से 50 बेारी डीएपी लिया है। वजन कराने पर सभी बोरियों से अलग-अलग मात्रा में वजन बता रहा है। ग्राम डिघोरा के किसान कमला बाई ने बताया कि उन्होंने चार बोरी डीएपी उपकेंद्र से लिया और तौलने पर उसका कम निकला। वहीं किसान त्रिलोचन, प्रेमलाल, गनपत, मोहित, भीखूराम वर्मा, हेमचंद्र, कवल बाई, जोहन, देवप्रसाद व अमिता आदि किसानों ने भी यही शिकायत बताते हुए कहा कि हर बार अलग-अलग कंपनियों की डीएपी व खाद इस कंेद्र द्वारा वितरण किया जाता है। पूर्व में आईपीएल फिर इफको की डीएपी दिया गया और अब ग्रामोर नामक कम्पनी का डीएपी दिया जा रहा है । किसानों ने बताया कि जून माह में इसी ग्रोमोर डीएपी को 1200 रुपए की दर से खरीदा गया था। अब यही डीएपी 1290 रुपये के दर से दी जा रही है। वहीं वजन भी कम होने की बाते सामने आ रही है। उपकेंद्र के सेल्समैन रमाशंकर कुर्रे ने बताया कि हम किसानो से 50 किलोग्राम के हिसाब से कीमत लेकर ऊपर पेमेंट करते हैं और आरओ भी 50 किलो के हिसाब से भेजते हैं। वहां से हमें पावती भी 50 किलोग्राम की ही मिलती है। यहां आने के बाद हमने कभी वजन नहीं किया, लेकिन जब किसानों ने वजन किया तो लगभग सभी बोरियों में मात्रा कम पाई गई। वहीं मनीष वर्मा और जीवन लहरी ने बताया कि 28 जुलाई को 500 बेारी ग्रोमोर डीएपी की आई हुई थी जो दो दिनों में वितरित कर दी गई। सोमवार तक उपकेद्र में एक भी बोरी डीएपी शेष नहीं है। वर्तमान तक इस उपकेंद्र से ग्रामोर डीएपी की 2440 बोरिया वितरित की चुकी है, जिनमें से 840 बेारियां 1290 और शेष 1600 बोंरियां 1200 रुपये की दर पर दी गई है। इस मामले में पथरिया एसडीएम डॉ. आराध्या कमार ने फोन पर बात करना जरुरी नहीं समझा। वहीं विकास खण्ड और जिला स्तरीय अधिकारी भी बात करने से कतराते रहे।
कांग्रेसियों ने दी आंदोलन की चेतावनी: पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के साथ उपकेद्र गंदवारी पहुंचे कांग्रेस नेता राजेन्द्र शुक्ला ने किसानों के साथ मिलकर सभी डीएपी की बोरियों का वजन कराया। उन्होंने इस मामले से संबधित अधिकारियों को फोनकर अवगत कराया और कहा कि समय पर सोसायटी से खाद न मिल पाने के कारण किसानों को बजार से खाद लेना पड़ता है। जहां वे लगातार कालाबजारी के शिकार होते आ रहे है और इंतजार करने के बाद जब शासकीय सोसायटी से उर्वरक दिया जा रहा है तो भी किसानों कि जेब काटी जा रही है। इन सब के बाद किसानों के आत्म हत्या जैसी बातें सामने आती हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि किसानों की समस्या को लेकर इस बार ग्राम से लेकर प्रदेश तक कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष नेतराम साहू, जिला उपाध्यक्ष राजा ठाकुर, सरंपच विनोद साहू, कुशाल वर्मा, बद्री राजपूत व खेमु साहू आदि उपस्थित रहे।
Published on:
31 Jul 2018 10:10 am
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