
गर्मी में स्कूल लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
पथरिया. शिक्षा विभाग द्वारा एक मई से तीस मई तक दसवीं और बारहवीं की कक्षा लगाकर गणित विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई कराने का आदेश जारी किया है। इसके कारण स्कूली छात्र छात्राएं 44 डिग्री के तापमान में भी स्कूल जाकर पढ़ाई कर रही हंै। इस फैसले से के पीछे शिक्षा में गुणवत्ता लाने बात कही जा रही है, लेकिन वर्ष भर शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए कई प्रयास करने के बावजूद सरकारी स्कूलों का क्या हाल है, यह किसी से छिपा नहीं। अब भीषण गर्मी में बच्चों को झोंका जा रहा है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली के द्वारा जारी आदेश में पालकों और छात्र- छात्राओं की स्वेच्छा पर कक्षा लगाने का निर्देश है। इसका मतलब जो छात्र-छात्राएं पढऩा चाहते हैं, वहीं स्कूल आएंगे। वहीं क्षेत्र के शालाओं में देखें तो गर्मी में स्कूल लगाने के लिए कोई सुविधा नहीं है ।
तीन किलोमीटर का सफर:
क्षेत्र के सभी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में लगभग तीन चार किलोमीटर दूरी सायकिल में तय करके शाला आना होता है। स्कूल सुबह सात बजे से ९.३० बजे तक लगता है। उसके बाद बच्चे अपनी सायकिल से तेज धूप में घर जाते हैं, क्योंकि सुबह के दस बजे भी पारा चढ़ गया होता है। तेज धूप में बच्चों का इस तरह आना जाना उन्हें लू के चपेट में ला सकता है और स्वास्थ्य खराब होने की आशंका बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में संचालित सभी निजी स्कूल भीषण गर्मी के कारण बंद कर दिया गया है और ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है, लेकिन सरकारी स्कूल के बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश से वंचित कर दिया गया है।
& ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच कक्षा संचालन कराने से शिक्षक और छात्रों दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। हम ग्रीष्मकालीन अवकाश की मांग के लिए ज्ञापन सौपेंगे।
महेंद्र खरे, अध्यक्ष शिक्षक पंचायत एम्प्लाइड एसोसिएसन, पथरिया
Published on:
05 May 2019 09:24 am
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