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जंगली कुत्तों का आतंक, खुद से 4 गुना बड़े जानवरों का कर रहे शिकार

अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में सोन कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. पांच कुत्तों के एक झुंड ने जंगल में एक नर चीतल का शिकार कर उसे मार दिया.  

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मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के अचानकमार टाईगर रिजर्व (Tiger Reserve) के छपरवा रेंज में चीतल के शिकार का वीडियो सामने आया है.इन वायरल वीडियो में दर्दनाक तरीके से जंगली कुत्ते चीतल का शिकार कर उसे खा रहे हैं. वीडियो में दिख रहा गई की जंगली कुत्तो के झुण्ड ने पहले नर चीतल को घेरा फिर उस पर हमला कर दिया. जंगली कुत्तो ने चीतल को नोंच नोंच कर मौत के घाट उतार दिया. फिर कुत्तो का झुण्ड अपने शिकार को खा जाते है. जंगले में अचानक ही जंगली कुत्तों का आतंक काफी तेज़ी से बढ़ रहा है. इन कुत्तों को सोनकुत्तों के नाम से भी जाना जाता है. सोनकुत्तों का झुण्ड अपने से 4 गुना बड़ा और वजनी जानवरों का शिकार बहुत ही आसानी से कर रहे हैं. इन सभी मामलों से वन्यजीवों के साथ साथ ग्रामीण और जंगल में आना जाना करने वाले भी दहशत में हैं.

एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा विडियो पहली बार सामने आया है. जिसे छपरवा रेंज में डयूटी पर तैनात एक पैदल गार्ड ने बनाया है. वन्यजीवों का ये विडियो एक-दो दिन पहले का है. हालांकि जंगल मे वन्यजीवों के इस तरह के शिकार के मामले सामान्य तौर पर होते रहता है. वहीं आसपास के लोग जो जंगल आते जाते हो, उन्हें सतर्क रहना होगा. क्योंकि झुंड में ये वन्यजीव बहुत खतरनाक हो सकते हैं. आम लोगों पर भी वे हमला कर सकते हैं. इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. जंगलों में जाने वालों को सावधानी बरतनी होगी.

इसलिए जाना जाता है अचानकमार
गौरतलब है कि मुंगेली जिले की पहचान कहे जाने वाले अचानकमार टाईगर रिजर्व में प्रकृति के कई तोहफ हैं. जंगल के हरे भरे पेड़ पौधों और यहां के वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पर्यावरण प्रेमी लगातार आवाज बुलंद करते हैं. क्योंकि साल, सागौन दुर्लभ प्रजाति के पेड़ पौधे, जड़ी बूटियों से आच्छादित यह वन लोगों को बहुत लुभाता है. साथ ही बाघों के लिए बहुत ही अनुकूल यह जंगल जिसे टाईगर रिज़र्व तो बना दिया गया, मगर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से जंगल की सुरक्षा को लेकर प्रश्नचिह्न हमेशा लगते रहता है. बताया जा रहा है कि इस टाइगर रिजर्व में पिछले एक साल में जंगली कुत्तों की संख्या 100 के आस-पास पहुंच गई है. हालांकि इसको लेकर कोई स्पष्ट आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं.