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मोटे लाभ का झांसा देकर अस्सी लाख की ठगी के आरोपी की जमानत खारिज

अदालत ने निवेश के नाम पर एक जने से करीब 80लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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नागौर . पत्रिका. अदालत ने निवेश के नाम पर एक जने से करीब 80लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी करीब चार माह से जेल में बंद है। गौरतलब है कि फरवरी से अप्रेल तक निवेश के नाम पर दिल्ली दरवाजा निवासी मुनव्वर (42) से करीब 87 लाख की धोखाधड़ी की गई थी।

धोखाधड़ी/ठगी के मुख्य आरोपी मुम्बई निवासी सुफियान इस्माइल शेख (21) की जमानत अर्जी न्यायालय अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-1 देव कुमार खत्री के समक्ष दाखिल की गई थी। आरोपी के वकील का कहना था कि उसे गलत फंसाया गया है। उसका धोखाधड़ी/ठगी से कोई लेना देना नहीं है। जिस खाते में राशि जमा कराने का उल्लेख परिवादी कर रहा है, उसे जीवराज नामक व्यक्ति संचालित कर रहा था। इस्माइल पर ऐसे कोई आरोप भी नहीं है जिसमें आजीवन कारावास या मृत्यु दण्ड की सजा का प्रावधान हो। आरोपी करीब चार माह से न्यायिक अभिरक्षा में है, मामले में अभी और समय लगेगा। ऐसे में उसे जमानत दी जाए।

अपर लोक अभियोजक अनिल गौड ने इसका कड़ा विरोध किया। गौड का कहना था कि अनुसंधान में इस्माइल के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए गए हैं। आरोपी ने अन्य के साथ मिलकर परिवादी को निवेश के लिए उकसाया। मोटे लाभ का झांसा दिया। पांच लाख साठ हजार की राशि जिस खाते में ट्रांसफर हुई वो इस्माइल की है। उसकी 21 जून को भी यहीं से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। यह गंभीर प्रकृति का मामला है, ऐसे में जमानत खारिज की जाए। सुनवाई के बाद न्यायाधीश खत्री ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

यह है मामला

दिल्ली दरवाजा निवासी मुन्नवर (42) ने अप्रेल माह में कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया । मुन्नवर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 11 फरवरी को उसके मोबाइल पर व्हाट््स ऐप के जरिए संदेश आया एक्सचेंज एण्ड स्टडी क्लब के नाम से उनके साथ कई व्यक्ति व संस्थाएं जुड़े हुए हैं। शेयर मार्केट में निवेश कर जारी होने वाले आईपीओ के भारी लाभांश के हकदार बनें। इस ग्रुप में श्रीमती मीरा उससे चेटिंग करती रही और तीस फीसदी लाभांश का झांसा देकर अलग-अलग कम्पनियों के शेयर खरीदने के साथ अन्य निवेश के लिए उकसाती रही।अच्छे लाभ के झांसे में आकर उसने फरवरी से निवेश करना शुरू किया। अलग-अलग निवेश के जरिए वो करीब 87 लाख रुपए निवेश कर चुका। इसके बदले में उसके पास केवल ढाई लाख का लाभांश आया। इसके बाद उसने अपनी रकम के लाभांश के बारे में बात की गई तो उसे बार-बार कहा गया कि लाभांश की तीस फीसदी राशि जमा कराओ। इस दौरान पैसा मांगने पर उसे धमकियां दी गई और उसके मोबाइल फोन समेत अन्य वेबसाइट/सम्पर्क को ब्लॉक कर दिया गया। यही नहीं इनके जरिए जो लाभांश की बात कही जा रही है वो एक करोड़ से भी अधिक है। यही नहीं उससे तीस फीसदी राशि मांगी गई। फर्जी तरीके से उससे करीब 80 लाख रुपए हड़प लिए गए।

ये आरोपी अब तक नहीं आए पकड़ में

सूत्र बताते हैं कि इस मामले में करीब एक दर्जन और आरोपी हैं जिनके साथ मिलकर इस्माइल धोखाधड़ी/ठगी के कारनामे कर रहा था। इसमें सीतादेवी, बबलू पासवान, रियाजुल मण्डल, सुनील पासवान, हसनेरा खातून, मानसी शर्मा, रंजीता नायक आदि अभी तक फरार हैं। बताया जाता है कि इनका एक बड़ा गिरोह अलग-अलग तरीकों से धोखाधड़ी/ठगी करने में जुटा है।

मुनव्वर के साथ ठगी का एक और आरोपी गिरफ्तार

नागौर. अदालत ने मुनव्वर से ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी, वहीं इस मामले के एक और आरोपी को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसने मुनव्वर की ठगी से जुड़े चार चेक के जरिए 36 लाख रुपए से अधिक रकम निकलवाई थी।

असल में मुनव्वर के मामले में कोतवाली थाना पुलिस की टीम अनुसंधान में लगी हुई थी। एसपी नारायण टोगस के निर्देश पर हैड कांस्टेबल प्रेमाराम मूण्ड के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की बारीकी से छानबीन की तो गत 23 फरवरी को करण चौधरी उर्फ पिंटू हुडा (31) निवासी हनुमान बाग को बैंक से चेक के जरिए रकम निकालने की जानकारी मिली। इसके बाद बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो इसमें भी चेक के जरिए वो रकम निकालते पाया गया। करण हनुमान बाग का निवासी है और सीमेंट डिपो चलाता है। बताया जाता है कि पुलिस की जांच की भनक लगते ही करण चौधरी यहां से चंपत हो गया, उसे काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया गया। आईओ मूण्ड ने बताया कि उसे अदालत ने जेल भेज दिया है।