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नागौर : आखिर ऐसा क्या हुआ कि धरने पर बैठेंगे अमरपुरा के ग्रामीण

अमरपुरा से चिमरानी तक प्रस्तावित सड़क पर अमरपुरा में पुलिया निर्माण से टूटेंगे मंदिर व स्कूल, ग्रामीणों ने कलक्टर को सौंपा ज्ञापन।

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Nagaur News

villagers of amarpura at colletorate nagaur

नागौर. राष्ट्रीय राजमार्ग 65 पर ग्राम अमरपुरा से चिमरानी तक प्रस्तावित सड़क पर अमरपुरा में बनने वाले टी आकार के ब्रिज का ग्रामीणों ने विरोध किया है। शनिवार को जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों ने अमरपुरा में पुलिया का निर्माण नहीं करने की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण का कार्य निरस्त नहीं करने पर 9 अक्टूबर को अमरपुरा में तेजाजी मंदिर के पास धरने पर बैठने की अनुमति मांगी है।
हजारों पेड़-पौधे होंगे नष्ट
सरपंच हरकूदेवी, अमराराम, तुलछीराम, जस्साराम, लुणाराम समेत अन्य ग्रामीणों ने ज्ञापन में लिखा है कि ओवर ब्रिज निर्माण से पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, समाज कल्याण भवन, पंचायत भवन, सरकारी स्कूल का अस्तित्व नहीं रहेगा। इसके अलावा पुलिया निर्माण होने की स्थिति में तेजाजी व हनुमानजी का मंदिर भी हटाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने लिखा है कि आस्था के केन्द्र मंदिर नष्ट होने से माहौल बिगडऩे की संभावना है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कलक्टर पर भारी पुलिसकर्मी
नागौर. निकटवर्ती ग्राम पंचायत साडोकन में पुलिसकर्मी द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर किया गया अतिक्रमण हटाने के कलक्टर के आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के बाद मेघवालों के मोहल्ले में सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमी ने मुरड़ डालकर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। ग्रामीण रामनिवास, हड़मानराम, नरसीराम, राजूराम, पूर्णाराम समेत अन्य ग्रामीणों ने शनिवार को कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
सात दिन में करनी थी जांच
ग्रामीणों ने ज्ञापन में लिखा है कि इस संबंध में रोल थाना, विकास अधिकारी को शिकायत दी। 16 सितम्बर को एसपी के सामने पेश हुए तथा 18 सितम्बर को जन सुनवाई में कलक्टर के समान पेश हुए। कलक्टर कार्यालय ने 18 सितम्बर को उपखंड अधिकारी नागौर को रास्ते पर किए गए अतिक्रमण संबंधी परिवाद की जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि अवरुद्ध रास्ते पर गंदा पानी एकत्र होने से बीमारी फैलने की आंशका है।