- अब चार गुना ज्यादा बनेंगे हवाई मारक क्षमता वाले 'आकाशÓ के प्रोपलेंट - आयुध निर्माणी इटारसी में उत्पादन बढ़ाने के लिए आ रही मशीनरी, बन चुका है नया भवन
होशंगाबाद/ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा वायुसेना को और ताकतवर बनाने का असर इटारसी की आयुध निर्माणी (आर्डिनेंस फैक्ट्री) में आकाश मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचाने का काम करने वाले प्रोपलेट (बूस्टर) चार गुना ज्यादा बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नया भवन बन कर तैयार हो चुका है और मशीनरी भी आने वाली हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र सरकार ने पांच हजार करोड़ की आकाश मिसाइल परियोजना को मंजूरी दे दी है।
उत्पादन बढ़ाने की तैयारियां जोर-शोर से चल
इसके बाद से फैक्ट्री में उत्पादन बढ़ाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। देशभर में सेना के लिए गोला-बारूद बनाने वाली 41 आयुध निर्माणियों में इटारसी में ही आकाश मिसाइल के लिए प्रोपलेंट (बूस्टर) बनाए जाते हैं। प्रोपलेंट मिसाइल को दूरी तक पहुंचाने का काम करता है। यहां हर साल लगभग 400 से 500 प्रोपलेंट आकाश मिसाइल के लिए तैयार किए जाते हैं। लेकिन अब इनकी उत्पादकता तीन-चार गुना तक बढ़ाई जाने वाली है।
प्रोपलेंट व बाल पाउडर बनता है
नाग, शिखर, त्रिशूल के बूस्टर और सेस्टेनर, पिनाका, आरजेट-61 व पिचोरा मिसाइलों के प्रोपलेंट। छोटे हथियारों के लिए बाल पाउडर बनाया जाता है।
इसलिए खास है आकाश मिसाइल
आकाश 3० किमी की एक अवरोधक सीमा के साथ एक सतह से हवा मिसाइल है। इसका वजन 720 किलो, व्यास 35 सेमी व लंबाई 5.78 मीटर है।
पचास साल पुरानी है आयुध निर्माणी
1969-1970 के दौरान तत्कालीन रासायनिक उत्पादों वाली निर्माणीयों में उच्च क्षमता के गोला-बारूद के लिए नोदकों का उत्पादन करने वाली निर्माणी की आवश्यकता महसूस की गई। जिसके बाद आयुध निर्माणी इटारसी की स्थापना हुई।
प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए नई बिल्डिंग बना ली गई है। मशीनरी भी आ रही हैं। हम किसी भी सर्विसेज की रिक्वायरमेंट को पूरा करने की क्षमता और तैयारी में हैं।
शेखर पांडे, पीआरओ आयुध निर्माणी इटारसी।