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बड़ी खबर : भारतीय बाजार में चीनी मुर्गी की दस्तक

उत्तरप्रदेश और गुजरात के बाद मध्यप्रदेश के बाजार में पहुंची चीनी मुर्गी

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Cheeni murgi in hosangabad news in hindi

Cheeni murgi in hosangabad news in hindi

होशंगाबाद। दैनिक जीवन में उपयोग होने वाला हर छोटे और बड़ा सामान इन दिनों चीनी है। इन सबके बीच एक खास चीनी सामान ने इन दिनों भारतीय बाजार में दस्तक दी है। वह है मुर्गी। इसका मतलब है कि अब लोगों को चीनी नॉनवेज भी मिलेगा और चीनी अंडे भी मिलेंगे।
देश में इन दिनों चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का माहौल है। वहीं नॉनवेज के शौकीनों के लिए इलाहाबाद से चीनी मुर्गी की खेप आ रही है। यह मुर्गी उत्तरप्रदेश से कई अन्य शहरों को भी भेजी गई है। इस मुर्गी के बारे में खाद्य एवं औषधि विभाग को भी जानकारी नहीं है। उत्तरप्रदेश, राजस्थान और गुजरात सहित अन्य राज्यों के बाद अब यह मुर्गी मध्यप्रदेश के बाजार में भी पहुंच गई है। इन मुर्गियों के सौदागरों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि उत्तरप्रदेश में इसे खा रहे हैं।

करीब १ किलो होता है वजन
करीब एक किलो वजनी और एक फीट तक लंबाई वाली मुर्गियों घास, दाना चावल आदि खाती हैं। इनका वजन देशी मुर्गी से ज्यादा होता है। साथ ही यह एक महीने में 30 अंडे देती हैं। इन्हें बीमारी भी आसानी से नहीं लगती है। इस कारण इनका कारोबार देश में तेजी से फैल रहा है। होशंगाबाद में नहर किनारे इन्हें भोजन के लिए उतारा था।

बर्ड फ्लू की भी आशंका
कहा जा रहा है कि इस मुर्गी से बर्ड फ्लू और एच५एन१ वायरस के फैलने का खतरा होने की आशंका है। इसके चलते इसे गुजरात में बैन किया जा चुका है।


चीनी मुर्गी का दाम ६०० रुपए जोड़
चीनी मुर्गी को भारत में पाई जाने वाली कड़कनाथ प्रजाति की मुर्गी समझकर लोग आकर्षित हो रहे हैं। चीनी मुर्गी दिखने में काले रंग की है और उसके शरीर पर सफेद बिंदी मौजूद है। जिससे साफ है कि यह कड़कनाथ नहीं है। व्यापारियों का कहना था कि मुर्गी यहां नहीं मिलती है। एक मुर्गी का दाम तीन सौ रुपए बताया गया। सौदागर बताते हैं कि इसे खाया और पाला जा सकता है। चीनी मुर्गी के नाम से बिक रही इस मुर्गी की खेप ट्रक से लाई गई है।

३० पिंजरे आए, १ पिंजरे में ५० मुर्गी
चीनी मुर्गी के नाम से बिक रही इस मुर्गी की खेप ट्रक से लाई गई है। इसके सौदागरों का कहना था कि सुबह करीब आठ बजे ट्रक से माल उतारा गया। ट्रक में ३० पिंजरे लाए गए हैं। एक पिंजरे में ५० मुर्गियों आती हैं। इलाहाबाद से इन्हें रीवा, सतना, जबलपुर होते हुए होशंगाबाद लाया गया।

परीक्षण करने की व्यवस्था नहीं है...
मुर्गी की क्वालिटी और तकनीकि परीक्षण करने की व्यवस्था यहां नहीं है। मुर्गी का भक्षण किया जा सकता है या नहीं, यह तो जांच के बाद ही बताया जा सकता है।
शिवराज पावक, खाद्य निरीक्षक

नुकसान पहुंचा सकता है...
इस मुर्गी के बारे में जानकारी नहीं है। किसी भी तरह का नॉनवेज, यदि वह मानव शरीर के लिए उपयुक्त नहीं है, नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉ. जीतेंद्र मौर्य, एमडी मेडिसिन

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