
बारिश की दुआ करता किसान
कटनी. बारिश न होने से किसान चिंतित हैं, जिन्होंने रोपाई कर दी है वो उन पौधो के सूखने को लेकर चिंतित हैं तो वहीं ज्यादातर किसान जिन्होंने अभी तक रोपाई नहीं की है वो भी आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं। लेकिन मानसून है कि बार-बार रास्ता भटक जा रहा है। अब बताया जा रहा है कि 20 जुलाई के बाद मानसून सक्रिय होगा।
बतादें कि अब तक जिले में महज 12 फीसद ही बोआई हो पाई है। आमतौर पर जून में दस्तक देने के वाला मानसून इस बार आधी जुलाई बीतने के बाद भी सक्रिय नहीं हो सका है। ऐसे में खेतों में खरीफ फसलों की बोवाई पर ब्रेक लगा है। किसानों को बेसब्री से बारिश का इंतजार है। लेकिन लगभग रोजाना आसमान में बादल छाते हैं, लगता है कि अब बारिश होगी लेकिन फुहार तक नहीं पड़ रही है।
कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का कहना है जब तक जिले में साढ़े तीन इंच से ज्यादा बारिश न हो जाएं तब तक फसलों की बुआई न करें। खेत में पर्याप्त नमी होने दें। नमी की कमी में बोवाई की जल्दबाजी जोखिम भरा होगा। इस बीच जिले के बहोरीबंद, विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा, रीठी, बरही क्षेत्र में कई किसानों ने पिछले दिनों हुई बारिश के बाद धान की नर्सरी बोवाई कर दी है। अब तेज धूप के साथ लगातार बढ़ते तापमान के कारण बीज अंकुरित होते ही नाजुक पौधों के नष्ट होने की स्थिति बन रही है जिससे किसान ज्यादा ही चिंतित है।
नलकूप ही सहारा पर नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली
वैसे कुछ साधन संपन्न किसान नलकूप से खेत में पानी भरकर धान रोपाई में जुटे हैं। लेकिन उनका संकट बिजली को लेकर है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से क्यारियों में उगाए गए पौध बचाना भी चुनौती बन गया है। उधर बिजली कंपनी का खरीफ सत्र के लिए जारी नया शेड्यूल भी जिले के किसानों को रास नहीं आ रहा है। नए शेड्यूल के अनुसार कृषि क्षेत्र को रात 12 बजे से सुबह 10 बजे तक बिजली दी जा रही है। ऐसे में खेती के लिए रात में बिजली देने से किसानों को रात भर जागना पड़ रहा है जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
Published on:
16 Jul 2021 06:52 pm
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