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शहर के वाशिंदों को अब तक नहीं मिल सके आटो प्रतीक्षालय

नरसिंहपुर. शहर में एक जगह से दूसरी जगह के लिए आटो या ई रिक् शा से आवाजाही करने वाले यात्रियों और शहर के वाशिंदों के लिए आटो स्टाप या प्रतीक्षालय जैसी सुविधा कहीं नहीं है। इसके लिए न तो नगर के किसी क्षेत्र में शेड लगाया गया है और ना ही जगह चिह्नित की गई […]

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नहीं मिल सके आटो प्रतीक्षालय

नहीं मिल सके आटो प्रतीक्षालय

नरसिंहपुर. शहर में एक जगह से दूसरी जगह के लिए आटो या ई रिक् शा से आवाजाही करने वाले यात्रियों और शहर के वाशिंदों के लिए आटो स्टाप या प्रतीक्षालय जैसी सुविधा कहीं नहीं है। इसके लिए न तो नगर के किसी क्षेत्र में शेड लगाया गया है और ना ही जगह चिह्नित की गई है। इसके अभाव में यहां ऑटो से यात्रा करने वाले यात्री सडक़ किनारे कहीं भी खड़े होकर इंतजार करते नजर आ जाते हैं। इनमें सबसे अधिक परेशानी गर्मियों के दिनों में लोगों को उठाना पड़ती है। जब चिलचिलाती धूप के बीच सडक़ किनारे बुजुर्ग, बीमार मरीज या नौनिहाल मां के साथ सवारी का इंतजार करते हैं। जबकि नगरीय क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा के लिए यह प्रावधान होते हैं कि प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर शेड युक्त यात्री प्रतीक्षालय बनाई जाए, जिसमें स्थल, किराया सूची, दूरी सहित अन्य जानकारी उपलब्ध हो। ताकि यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित स्थल मिलने के साथ, किराए के दर भी किलोमीटर के आधार पर तय की जा सके। इससे यात्री मौसम की मार से सुरक्षित रहते हैं, वहीं ऑटो चालकों के लिए भी यात्रियों के उठाव व उतारने के लिए एक निश्चित स्थल मिल जाता है। लेकिन फिलहाल नरसिंहपुर शहर इस सुविधा से दशकों से वंचित है।


नगर प्रशासन ने अब तक नहीं की पहल, न ही परिषद में आया मामला


28 वार्डो वाली नरसिंहपुर नगरीय क्षेत्र की वर्तमान आबादी लगभग 10 लाख से अधिक है। क्षेत्र के आधार पर यह तीन खंडों में विभक्त है। पहला खंड रेलवे स्टेशन क्षेत्र तो दूसरा कंदेली और तीसरा नरसिंहपुर पुराना क्षेत्र शामिल हैं। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां शासकीय विभागों के कार्यालय के साथ जिला सत्र न्यायालय और तहसील कार्यालय भी संचालित है। शहर की सीमा से दर्जनों ग्रामीण क्षेत्र भी जुड़े हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड होने के कारण यहां रोजाना सैकड़ों की तादाद में बाहर से लोगों की आवाजाही होती है। इन सभी लोगों को शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए करीब तीन सौ से अधिक आटो का संचालन होता है। लेकिन उनके प्रतीक्षा के लिए भी नगर में कहीं प्रतीक्षालय की सुविधा नहीं है। बताया जाता है कि अब तक न तो नगरीय प्रशासन ने इस सुविधा के लिए कोई पहल ही नहीं की है और न ही नगर पालिका परिषद भी इस सुविधा के लिए अब तक कोई प्रस्ताव नहीं रखा है।