16 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

77 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, 16 लोग गिरफ्तार

Gujarat Cyber Fraud Case: CID क्राइम के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने एक इंटरस्टेट म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिस पर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड 375 मामलों में 77 करोड़ रुपये से ज़्यादा के साइबर फ्रॉड से कथित तौर पर जुड़े होने का आरोप है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Saurabh Mall

Apr 13, 2026

CRIME NEWS

साइबर फ्रॉड केस अपडेट (सोर्स: आईएएनएस)

77 Crore Cyber Scam India: गुजरात से एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसने ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क की गहराई को उजागर कर दिया है। गुजरात सीआईडी क्राइम की साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टीम ने 77 करोड़ रुपये से ज्यादा के फ्रॉड से जुड़े एक इंटरस्टेट म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

इस ऑपरेशन में वडोदरा, पालनपुर और गोवा समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी या दूसरों के नाम पर बैंक अकाउंट खोलते थे और उन्हें साइबर अपराध करने वाले गिरोहों को उपलब्ध कराते थे। यही अकाउंट ऑनलाइन ठगी और गेमिंग से जुड़े अपराधों में इस्तेमाल किए जाते थे।

अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और देशभर में फैले कई मामलों से जुड़ा हुआ था। इस कार्रवाई से न सिर्फ बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अलग-अलग जगहों से कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें वडोदरा से 5, पालनपुर से 2 और गोवा से 9 आरोपी पकड़े गए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ आरोपी नकली कंपनियां बनाकर बैंक खातों के जरिए पैसों का लेन-देन कर रहे थे, ताकि धोखाधड़ी को सही दिखाया जा सके।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना किरण जोशी और जीतू ठक्कर हैं, जबकि बाकी लोग उनके लिए फर्जी बैंक अकाउंट खोलने और पैसे ट्रांसफर करने में मदद करते थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में सबूत बरामद किए। वडोदरा से मोबाइल फोन, चेक बुक और पासबुक मिलीं, जबकि गोवा से लैपटॉप, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, पासबुक और अन्य डिजिटल सामान जब्त किया गया। जांच में 260 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स की जानकारी भी सामने आई है।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि ‘WhatsApp’ और ‘टेलीग्राम’ के जरिए अकाउंट डिटेल्स विदेशों, खासकर दुबई तक भेजी जा रही थीं, जिससे इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने का शक है।

यह गिरोह कई तरह के साइबर फ्रॉड जैसे UPI, लोन, निवेश और जॉब फ्रॉड में शामिल था। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि अपने बैंक अकाउंट और सिम कार्ड किसी को न दें, क्योंकि उनके जरिए होने वाले लेन-देन के लिए अकाउंट होल्डर ही जिम्मेदार होता है।
सोर्स: आईएएनएस