19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झटका देकर BJP में आए कद्दावर नेता तो कांग्रेस ने भी चली गजब चाल, बेटे को दिया टिकट तो खरगे तक पहुंच गई चिट्ठी!

असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नागांव से सांसद और वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा देकर बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में यह हुआ।

2 min read
Google source verification
BJP Congress

भाजपा-कांग्रेस की प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो- ANI)

असम में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल बढ़ गई है। सभी दल पूरी तरह से तैयारियों में जुट गए हैं। इस बीच, कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। असम कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा का हाथ थाम लिया है।

बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने को लेकर सियासत तेज हो गई है। कई दिनों से यह अटकलें थीं कि वह जल्दबाजी में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। बोरदोलोई ने अब खुद कांग्रेस छोड़ने की असली वजह बताई है।

पार्टी के भीतर असंतोष

प्रद्युत बोरदोलोई ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का उनका फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया था, बल्कि यह पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रहे असंतोष का नतीजा था।

बोरदोलोई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कई घटनाओं और पार्टी नेतृत्व से बढ़ती दूरी ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने की एक लंबी कहानी है।

कांग्रेस के अंदर भाईचारा नहीं रहा

बोरदोलोई ने खुलकर कांग्रेस और उसके नेताओं को घेरा। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि उन्होंने जल्दबाजी में कांग्रेस को छोड़ा। पार्टी के अंदर कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्हें देखकर मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि पार्टी में अब वह अपनापन या भाईचारा नहीं रहा।

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में कई समस्याओं को उजागर किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा था। मैं असल में कुछ मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था, और फिर हालात तब और बिगड़ गए जब पीसीसी नेतृत्व ने भी नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।

बोरदोलोई ने आगे कहा- मैंने पाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच भरोसे की कमी है। ऐसे घुटन भरे माहौल में, मुझे लगा कि मैं कोई सार्थक भूमिका नहीं निभा सकता।

बेटे पर कांग्रेस ने खेला दांव

भले ही बोरदोलोई कांग्रेस से भाजपा में चले गए हैं, लेकिन उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई अभी भी कांग्रेस का हिस्सा हैं। उनके जाते ही कांग्रेस ने उन्हें मार्घेरिटा सीट से टिकट दिया है।

प्रतीक बोरदोलोई के बारे में पूछे जाने पर पिता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उसे मेरे पुराने विधानसभा क्षेत्र, मार्घेरिटा से टिकट दिया था। वह असम में मेरा गृह नगर है। लेकिन, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि मेरी उससे कोई बात नहीं हुई है। आजकल, वह मुझसे ज्यादा बात नहीं करता।

वहीं, भाजपा ने प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है, जो असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव है।

बेटे ने वापस किया टिकट

इस सबके बीच, प्रतीक बोरदोलोई ने गुरुवार को मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। उन्होंने अपने पिता के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के फैसले के बाद मौजूदा परिस्थितियों का हवाला दिया।

प्रतीक बोरदोलोई ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे एक पत्र में पूरी इज्जत और पार्टी के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ अपने फैसले से अवगत कराया।