
मोदी कैबिनेट (Photo-IANS)
पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैबिनेट (Modi Cabinet) की बैठक ली थी। इस दौरान सभी मंत्रालयों के कामों की समीक्षा की गई। वहीं, मंत्रालयों के परफॉर्मेंस के हिसाब से रिपोर्ट कार्ड भी जारी किए गए। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने विभिन्न मंत्रालयों को स्कोरकार्ड पेश किए। इनमें कई श्रेणियों में सबसे अच्छा और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों को अलग-अलग चिह्नित किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी गई रिपोर्टकार्ड के मुताबिक उपभोक्ता मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय शामिल थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मामले मंत्रालय को दो श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। शिकायत निवारण और पश्चिम एशिया युद्ध से उत्पन्न संकट से निपटने का तरीका, जबकि कोयला मंत्रालय ने फाइल निपटान और प्रबंधन श्रेणी में
टॉप किया है।
मूल्यांकन प्रस्तुत करते समय सोमनाथन ने कथित तौर पर कहा कि इस मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य सभी मंत्रालयों को अपने प्रदर्शन को सुव्यवस्थित करने और यह पहचानने के लिए प्रोत्साहित करना है कि वे किन क्षेत्रों में पीछे रह रहे हैं। इसके साथ ही मूल्यांकन में कई बातों को ध्यान में रखा गया। जैसे - दूसरे मंत्रालयों के साथ नोट्स पर अच्छी राय देना, काम को पारदर्शी बनाना आदि।
इस बैठक का उद्देश्य 9 जून को मोदी के तीसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ से पहले विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन करना था। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान नागरिकों को खर्च पर लगाम लगाने की अपनी सलाह दोहराई और कहा कि यह सभी मंत्रियों और नौकरशाहों के लिए एक नियम बन जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी विदेश यात्रा तब तक नहीं की जानी चाहिए, जब तक कि वह वैश्विक मंच पर भारत के लिए फायदेमंद न हो या भारत के भविष्य को परिभाषित न करती हो। मोदी ने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे बड़े काफिलों का इस्तेमाल न करें और संकेत दिया कि सरकार इस संबंध में एक नया अभियान शुरू करने पर विचार कर रही है। सभी मंत्रालयों को किसी भी अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को रद्द करने के लिए भी कहा गया है।
बीते दो सालों में शिक्षा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सरकार के लिए सकारात्मक खबरें सामने नहीं आई है। एयर इंडिया विमान हादसा और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार के प्राइवेट प्लेन क्रैश मामले ने मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। वहीं, यूजीसी मामला और नीट पेपर लीक जैसे मामलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की साख पर बट्टा लगाया है।
जून 2026 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं। संभावना है कि मोदी सरकार में मिड टर्म रिसेट होगा और कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है। मोदी कैबिनेट में फेरबदल में मंत्रियों के कामकाज को मुख्य आधार बनाया जाएगा। खराब प्रदर्शन करने वालों की छुट्टी हो सकती है। वहीं, बीजेपी, पार्टी के भीतर भी बदलाव कर सकती है। नितिन नवीन को अभी तक उनकी नई टीम नहीं मिली है। संभावना है कि जून महीने में नितिन नवीन को नई टीम मिल सकती है।
उधर, पार्टी व सरकार के भीतर संघ की प्राथमिकता ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगे लाने की बताई जा रही है, जो संगठन और विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित हों और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहते हों।
Updated on:
23 May 2026 09:48 am
Published on:
23 May 2026 09:47 am
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