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बनासकांठा: बीएसएफ़ बूट कैंप ‘जीवन पर्यन्त कर्त्तव्य’ की भावना, युवाओं में जगा देशभक्ति का जज़्बा, मिला अनूठा अनुभव

-देश के प्रति ज़िम्मेदारी, अनुशासन और सुरक्षा बलों के सामने पेश आने वाली कठिनाइयों से रूबरू हुए युवा शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने के सीखे गुर, कैम्प फ़ायर में किया प्रतिभा का प्रदर्शन

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Banaskantha BSF Boot Camp of 3 days end

अनुराग मिश्रा।बनासकांठा: सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बूट कैंप का समापन हो गया। ज़िले के सुइगाम में आयोजित बूट कैंप का ये पांचवां संस्करण था।

अनुशासन, राष्ट्र भक्ति के साथ बॉर्डर टूरिज़्म को बढ़ावा देना उद्देश्य

सीमा सुरक्षा बल ने बूट कैंप की शुरुआत देश के युवाओं में राष्ट्र भक्ति का जज़्बा जगाने के इरादे से की थी। इसके साथ साथ बॉर्डर टूरिज़्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ इसकी शुरूआत किया था। इसके साथ ही साथ युवाओं में अनुशासन बौद्धिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ज़ोर और सीमा सुरक्षा बल की राष्ट्र की सुरक्षा में भूमिका और फ़ील्ड में आने वाली कठिनाइयों से परिचित कराना भी था।

20 युवा छात्रों ने लिया हथियार चलाने का प्रशिक्षण,रूट मार्च, साहसिक गतिविधियोंमें भी लिया हिस्सा

सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित बूट कैंप केस पांचवें भाग में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर से आए 20 छात्रों ने हिस्सा लिया। इस कैंप में शारीरिक प्रशिक्षण, बाधा दौड़ से जुड़ा प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ साथ हथियार चलाने मैप रीडिंग प्रशिक्षण, रूट मार्च के साथ साथ अन्य साहसिक गतिविधियों में युवाओं ने हिस्सा लिया।

-कैंप के दौरान कई खेलों का भी किया गया आयोजन
इसके अलावा कई तरह के खेलों और स्थानीय पर्यटन के महत्व की जगहों को भी दिखाया गया जिसमें सीमा दर्शन भी शामिल था।
-प्रसिद्ध रिट्रीट सेरिमनी देखकर उत्साहित हुए छात्र
सीमा सुरक्षा बल की प्रसिद्ध रिट्रीट सेरिमनी को देखकर युवा काफ़ी उत्साहित हुए। कैंप के दौरान कैम्प फ़ायर का भी आयोजन किया गया था। रोज़ शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।