
Hot weather in India
मंगलवार को दुबई (Dubai) में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के जलवायु सम्मेलन में वर्ल्ड मेटेरोलॉजिकल ऑर्गेनाइज़ेशन की रिपोर्ट जारी की गई। 'द ग्लोबल क्लाइमेट 2011-2020 - एडिकेड ऑफ एक्सीलिरेटिंग क्लाइमेट चेंज' की रिपोर्ट में जो आंकड़े दिए गए हैं, वो चिंतनीय हैं। इस रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के चलते भारत (India) में बीते दशक में गर्मी में औसत से ज़्यादा इजाफा देखने को मिला है। सिर्फ गर्मी ही नहीं, भारत में बारिश में भी इजाफा हुआ है। साल 2011-20 के दशक को भारत के लिए अब तक का सबसे ज़्यादा गर्म दशक बताया गया है।
भीषण गर्मी के दिन बढ़े
रिपोर्ट के अनुसार बीते दशक में भारत में गर्म दिनों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। वहीं ठंडे दिनों की संख्या लगातार कम हो रही हैं।
सूखे की परेशानी भी बढ़ी
जलवायु परिवर्तन की वजह से भारत के कई हिस्सों में सूखे की परेशानी भी बढ़ी है। सूखा बढ़ने से खेती पर तो असर पड़ता है ही, साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या भी बढ़ती है।
बारिश में भी हुआ इजाफा
भारत में बारिश में भी इजाफा देखने को मिला है। देश के कई क्षेत्रों में अब पहले से ज़्यादा बारिश दर्ज की जा रही है। इससे देश में बाढ़ की समस्या भी बढ़ी है।
भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता
भारत में अब कई जगहों पर अक्सर ही भारी बारिश के मामले देखने को मिलते हैं, जिसने चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश के चलते देश में पहाड़ों की बर्फ का पिघलना, भूस्खलन आदि जैसी समस्याएं भी बढ़ रही है। हिल स्टेशनों पर ऐसी समस्याएं ज़्यादा देखने को मिलती हैं। इस वजह से मरने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
लोगों की जेब पर असर
जलवायु परिवर्तन से लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने से लोगों का खर्चा भी बढ़ता है।
Published on:
06 Dec 2023 10:26 am
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