Golden Temple Bomb Threat Amritsar 2025:स्वर्ण मंदिर को एक और धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें RDX और बम विस्फोट का जिक्र किया गया है।
Golden Temple Bomb Threat Amritsar 2025: अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर (Golden Temple bomb threat) को एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिली है। पिछले 24 घंटे के भीतर यह दूसरी धमकी है, जिससे पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप (Amritsar security alert 2025) मच गया है। धमकी में RDX जैसे विस्फोटक (RDX threat Golden Temple) और एक निश्चित समय का जिक्र किया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह इंटरनेट विभाग को एक धमकी भरा ई मेल (SGPC threat email) मिला। उन्होंने कहा कि इस ईमेल की भाषा और मंशा सोमवार को मिली धमकी जैसी ही है। मेल में सभी धर्मों को (India religious site threat)एक साथ निशाना बनाने वाले शरारती तत्वों की बात की गई है।
प्रताप सिंह ने इस हरकत की कड़ी निंदा की और कहा कि इस तरह के संदेश सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा, “धमकियाँ देने वालों का कोई धर्म नहीं होता, उनका मकसद सिर्फ डर और अस्थिरता फैलाना है।” SGPC ने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कोई कमी नहीं आई है, और लोग रोज की तरह मत्था टेकने और लंगर में शामिल होने आ रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि जाँच तेज़ी से चल रही है और हम इस केस को सुलझाने के बहुत करीब हैं। मामले की जांच में केंद्र और राज्य की एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों मेल्स की भाषा और पैटर्न से लगता है कि इसके पीछे एक ही व्यक्ति या समूह हो सकता है।
धमकियों को गंभीरता से लेते हुए स्वर्ण मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे अमृतसर शहर में पुलिस और खुफिया टीमें अलर्ट पर हैं। डिजिटल फुटप्रिंट्स, ईमेल ट्रेल और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से दोषियों की पहचान की जा रही है।
इस तरह धार्मिक स्थल को निशाना बनाए जाने की धमकी न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भारत की सांप्रदायिक एकता पर सीधा हमला है। SGPC और आम लोगों की ओर से शांति और भाईचारे की अपील एक साहसिक प्रतिक्रिया है। वहीं पुलिस और एजेंसियों की सतर्कता यह दिखाती है कि ऐसी साजिशें सफल नहीं होंगी।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच की प्रगति पर हैं। क्या यह मेल भारत में बैठा कोई समाजकंटक भेज रहा है या फिर विदेशी कनेक्शन है? जांच में सामने आ सकता है कि धमकी महज़ डर फैलाने की साजिश है या कोई बड़ी आतंकी साजिश।
बहरहाल डिजिटल ट्रेसिंग और साइबर सुरक्षा के तहत लगातार मेल भेजे जा रहे हैं, जिससे साइबर सुरक्षा और ईमेल सर्विलांस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या अब भारत को प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए एक सख्त सुरक्षा गाइडलाइन जारी करनी चाहिए?
धमकी के बावजूद भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि आतंक का जवाब ‘आस्था’ ही है।