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एम्स में सीट के लिए दी 30 लाख रिश्वत, वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में डाली याचिका, कोर्ट ने कही ये बड़ी बात

एक महिला ने बेटी का एम्स में दाखिले करवाने के लिए 30 लाख रुपए की रिश्वत थी। अब उन्होंने रिश्वत की रकम वापस लेने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

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Updated: 1 Dec 2023, 10:42 AM IST

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रिश्वत लेना और देना कानून अपराध है। अगर कोई घूस लेता हुआ रंगे हाथों पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी काईवाई की जाती है। इसके बावजूद भी सभी सरकारी और निजी विभागों में काम के बदले रंगदारी दी जाती है। हाल ही में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट में एक महिला ने याचिका दायर कर अपनी बेटी का एम्स में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के लिए एक बिचौलिये को दी गई 30 लाख रुपए रिश्वत की रकम वापस दिलाने की मांग की। जस्टिस जसमीतसिंह ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि कोर्ट स्पर्धा में आगे निकलने के लिए बेईमान तरीके इस्तेमाल करने वाले लोगों का बचाव नहीं कर सकती।


कोर्ट ने लगाई फटकार

कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर लोग पैसे देकर एम्स में प्रवेश पा सकते हैं तो देश का क्या होगा? आप जैसे लोगों के कारण ही घोटालेबाज पनपते हैं। एम्स जैसे मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए छात्र घंटों पढ़ाई कर रहे हैं और सीटें बिक्री के लिए नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को भुगतान किया, जिसने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और शीर्ष नौकरशाहों को जानने का दावा किया था।

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