script जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल शुरू, गुलजार, अजय जडेजा, पवन वर्मा, अमीश, रघुराम राजन होंगे आज के मुख्य वक्ता | jlf 2024 starts guljar ameesh pawan verma raghuram rajan will be guest | Patrika News

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल शुरू, गुलजार, अजय जडेजा, पवन वर्मा, अमीश, रघुराम राजन होंगे आज के मुख्य वक्ता

locationनई दिल्लीPublished: Feb 01, 2024 11:42:31 am

जेएलएफ 2024: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 (Jaipur Literature Festival 2024) आज यानी 1 फरवरी से शुरू हो गया। यहां अगले पांच दिनों तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखक और पुस्तक प्रेमियों का जुटान होने वाला है। यहां पहले दिन लेखक, गीतकार और फिल्म निर्देशक गुलजार, मशहूर क्रिकेटर अजय जडेजा और अर्थशास्त्री रघुराम राजन साहित्य से पाठक और दर्शक रू-ब-रू होंगे।

jlf_2.jpg

- शालिनी अग्रवाल की रिपोर्ट

संवाद में उन्माद और विवाद की खिचड़ी फिर पकने को तैयार है। हर बार की तरह एक बार फिर गुलाबी नगरी की फिजां में जयपुर लिटरेटर फेस्टिवल आबाद होने जा रहा है, जहां विचारों से विचार टकराएंगे, अल्फाज हवा में तैरेंगे और दुनिया के नक्शे पर जयपुर की छाप फिर अमिट अक्षरों में लिख दी जाएगी। संसार के हर कोने से आती विचार तरंगें एकाकार होकर फिर प्रस्फुटित हो जाएंगी। ये तरंगें किस दिशा की ओर ले जाएंगी, ये आने वाले पांच दिन ही बताएंगे। हालांकि बीते कुछ साल में जेएलएफ इन विवादों की काली छाया से निकल सुनहरे सूरज-सा दमका है। आज से शुरू होने वाले जेएलएफ में हम उम्मीद करते हैं कि बीते कुछ साल की तरह किसी नए विवाद का जन्म न हो। पहले ही दिन आपको गुलजार, क्रिकेटर अजय जडेजा, आरबीआइ के गर्वनर रहे रघुराम राजन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई कुरैशी, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल, लेखक अमीश, काई बर्ड (ओपेनहाइमर किताब के को-ऑथर) को सुनने का मौका मिलने वाला है।

jlf_2024.jpg

सुधा मूर्ति से सिखाएंगी पेरेंटिंग के कुछ गुर

अगर आप पहले दिन गुलजार की कविताओं का लुत्फ लेने के चूक जाएं तो इस बार वह दूसरे दिन भी अपनी जिंदगी के कुछ पन्ने खोलने वाले हैं। यहां आप सुधा मूर्ति से पेरेंटिंग के कुछ गुर भी सीखेंगे तो महिला सशक्तीकरण को लेकर भी सेशन होने वाले हैं। यूके और भारत की सबसे लोकप्रिय कलनरी स्टार्स में से एक अस्मा खान से आप खाने पकाने के कुछ नुस्खे लेकर जाने वाले हैं तो मुकेश बंसल जैसे एंटरप्रेन्योर भी अपनी बात रखेंगे। राजनीति की बातें भी यहां खूब होने वाली हैं।

दूसरे मुल्कों के एंबेस्डर भी यहां के होंगे मेहमान

ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ देशों के हाई कमिश्नर और एंबेसेडर से लेकर नवतेज सरना जैसे पूर्व राजनियक भी यहां होंगे। पांच दिन तक साहित्य और विमर्श का यह दौर गुलाबी नगरी की फिजां में इतना घुलने वाला है कि ढेरों सवालों के जवाब ढूंढते रहने वाले आपके मन को कुछ करार जरूर आएगा।

यहां इन क्षेत्रीय भाषाओं का भी रंग देखने को मिलेगा

अंग्रेजीदां माहौल की शिकायत करने वालों के लिए आयोजकों ने राजस्थानी और हिंदी के साथ-साथ असमिया, बंगाली, कन्नड़, संस्कृत, उर्दू की कशिश घोलने की कोशिश की है। हालांकि इस बार जेएलएफ में बॉलीवुड का तडक़ा थोड़ा फीका रहेगा। विशाल भारद्वाज जैसे कुछ नामों को छोडक़र किसी बड़ी बॉलीवुड सेलिब्रेटी का न होगा थोड़ा मायूस कर सकता है। साहित्य के नाम पर बाजार सजने की शिकायत करने वाले इस बार भी रहेंगे। उनकी शिकायत इस बार भी बजा फरमाती रहेगी। फैशनपरस्त युवाओं की भीड़ क्या सचमुच अपने विचारों की जुगाली करने आई है या सिर्फ इंस्टाग्राम पर रील्स बनाकर फोलोअर्स या लाइक बढ़ाने के लिए, यह सवाल भी मौजूं रहने वाला है। तो फिर देखने और सुनने को चलते हैं जेएलएफ...

ट्रेंडिंग वीडियो