
राहुल गांधी (फाइल फोटो)
Kerala Elections: केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। लंबे विचार-विमर्श के बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) गठबंधन ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय कर लिया है। इस बार गठबंधन में संतुलन और रणनीति पर खास ध्यान दिया गया है। इसके तहत इस बार कांग्रेस (Congress) पार्टी 95 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जो पिछले चुनाव से दो अधिक हैं, जबकि सहयोगी दलों के बीच भी सीटों का बंटवारा लगभग बिना विवाद के पूरा हो गया।
UDF में सबसे बड़े दल के रूप में कांग्रेस को 95 सीटें मिली हैं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 27 सीटें दी गई हैं, जो पिछली बार के बराबर हैं। पीजे जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस को 8 सीटें मिली हैं, जो पहले से दो कम हैं। एट्टुमनूर और इडुक्की सीट कांग्रेस ने अपने पास रखी हैं, जो पिछली बार केरल कांग्रेस के पास थी। इसके अलावा कुछ सीटों का आपसी अदला-बदली भी हुई है, जिससे गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि इस बार सीट बंटवारा प्रक्रिया काफी सहज रही।
गठबंधन में अन्य सहयोगियों को भी संतुलित प्रतिनिधित्व दिया गया है। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 5 सीटें मिली हैं और इस बार उसने मट्टनूर की जगह पय्यन्नूर सीट चुनी है। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी के एक बागी उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला भी रणनीतिक माना जा रहा है। अन्य दलों जैसे केरल कांग्रेस (जैकब), कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी, रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी और कुछ क्षेत्रीय नेताओं को एक-एक सीट दी गई है। यह दिखाता है कि UDF छोटे दलों को भी साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा है।
सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने पहले ही 137 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिसमें CPI(M) का दबदबा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी 71 उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए थे और अब दूसरी लिस्ट भी सार्वजनिक कर दी हैं। इस बार पलक्कड़, नेमोम और वट्टीयूरकाव जैसे क्षेत्र हाई प्रोफाइल मुकाबले वाले माने जा रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल ने भी LDF के तहत अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कुल मिलाकर केरल में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है, जिससे चुनाव और दिलचस्प होने की संभावना है।
Published on:
19 Mar 2026 10:58 am
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