
केरल के पूर्व सीएम पिनरई विजयन और नए सीएम वीडी सतीशन। (फोटो- ANI/IANS)
केरल की राजनीति में सियासी तूफान आ गया है। नवकेरल यात्रा के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के पांच सुरक्षाकर्मी मंगलवार को सस्पेंड कर दिए गए।
अब सीनियर पुलिस अधिकारी एमआर अजित कुमार पर भी जांच टीम ने गंभीर आरोप लगाए हैं। नई यूडीएफ सरकार इस मामले को पूरी तरह से सख्त दिख दिख रही है।
दिसंबर 2023 में अलप्पुझा में जब पूर्व सीएम विजयन नवकेरल यात्रा पर निकले थे, तब विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर उनके सुरक्षाकर्मियों ने लाठी-डंडे और हथियारों से हमला किया था।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया। विजयन ने तब इसे रेस्क्यू ऑपेरशन बताया था और कहा था कि उनके सुरक्षा की वजह से ऐसा किया गया। लेकिन कांग्रेस ने इसे बेरहमी करार दिया था।
अब नई सरकार में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच की। टीम ने पाया कि सुरक्षा कर्मियों ने बिना वजह बल का इस्तेमाल किया और हथियार उठाए।
गनमैन- अनिल कुमार और संदीप
एस्कॉर्ट स्टाफ- शैजू, अरुण और विपिन
ये सभी अलग-अलग यूनिट में थे, इसलिए स्टेट पुलिस चीफ ने अलग-अलग सस्पेंशन ऑर्डर जारी किए। यह मामला सिर्फ निचले स्तर के कर्मियों तक सीमित नहीं है। एडीजीपी एमआर अजित कुमार पर SIT ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
उन पर केस डायरी में बदलाव करने, सबूत दबाने और अलप्पुझा की पूर्व पुलिस प्रमुख चैत्रा टेरेसा जॉन की रिपोर्ट को दबाने का आरोप है।
सरकार अब इन पर अनुशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ फर्जी रिकॉर्ड बनाने जैसे आपराधिक मामले भी दर्ज करने पर विचार कर रही है।
होम मिनिस्टर रमेश चेन्निथला को SIT रिपोर्ट सौंपी जा रही है। जुलाई में डीजीपी पद के लिए अजित कुमार के नाम पर भी असर पड़ सकता है।
इस हमले का शिकार हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में से एक एडी थॉमस अब अलप्पुझा से कांग्रेस विधायक हैं। 31 साल के थॉमस की इस घटना के बाद काफी चर्चा हुई थी। नई सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सत्ता में आने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
Published on:
26 May 2026 07:48 pm
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