
टीएमसी नेता जहांगीर खान(फोटो-ANI)
तृणमूल कांग्रेस के फाल्टा विधानसभा सीट से उम्मीदवार जहांगीर खान को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट की वेकेशन बेंच ने उनकी गिरफ्तारी समेत किसी भी कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा को वापस ले लिया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फाल्टा में फिर से चुनाव के बाद भाजपा उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने भारी मतों से जीत हासिल की। जहांगीर खान महज 7783 वोट ही पा सके और उनकी जमानत जब्त हो गई।
यह मामला 26 मई को वेकेशन बेंच के जस्टिस पार्थ सारथी सेन के सामने आया। जस्टिस सेन ने साफ कहा कि 18 मई को दी गई अंतरिम राहत सिर्फ इसलिए दी गई थी क्योंकि जहांगीर खान रिपोलिंग के दिन उम्मीदवार थे। अब रिपोलिंग हो चुकी है और नतीजे भी आ गए हैं, इसलिए यह सुरक्षा जारी रखने का कोई आधार नहीं है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जहांगीर खान ने उन सात एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख ही नहीं किया। सिर्फ राजनीतिक बदलाव की वजह से सुरक्षा मांगना उचित नहीं है।
29 अप्रैल को फाल्टा में हुए मतदान के दौरान वोटरों को धमकाने और प्रभावित करने के आरोप में जहांगीर खान के खिलाफ फाल्टा थाने में सात प्राथमिकी दर्ज हुई थीं।
रिपोलिंग से पहले 18 मई को उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। उस समय रेगुलर बेंच के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने 24 मई तक उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दे दी थी।
रिपोलिंग से ठीक पहले जहांगीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का ऐलान किया और नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के फाल्टा के लिए दिए गए विशेष पैकेज का समर्थन भी जताया। लेकिन यह ऐलान सिर्फ दिखावा था। उनका नाम EVM पर बना रहा और वोटिंग हुई।
24 मई को नतीजे घोषित हुए। भाजपा के देबांगशु पांडा ने एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। CPI(M) के संभुनाथ कुर्मी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि जहांगीर खान चौथे नंबर पर सिमट गए। उनकी जमानत जब्त हो गई।
Published on:
26 May 2026 06:27 pm
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