
बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और फलता विधानसभा से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान। (फोटो- ANI)
पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को मतदान होना है। इससे ठीक दो दिन पहले टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।
'पुष्पा' के नाम से मशहूर जहांगीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांति, सुरक्षा और विकास का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। इस प्रकरण ने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के अंदर कोलकाता से दिल्ली खलबली मचा दी है। इस मामले में टीएमसी सांसद सौगत रॉय दिल्ली से बड़ा बयान जारी किया है।
सौगत रॉय ने स्पष्ट कहा- मुझे इस बात से बिल्कुल खुशी नहीं है। पार्टी के लिए यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यह सीट अभिषेक बनर्जी की क्षेत्र में आती है, इसलिए जल्द ही अभिषेक खुद इस पर बयान दे सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी इस मामले की जांच करेगी कि क्या वहां सत्ताधारी दल (BJP) की तरफ से डर का माहौल बनाया गया था। लेकिन जांच पूरी होने तक कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा सकती।
पार्टी के प्रवक्ता ने भी साफ किया कि जहांगीर खान का यह फैसला पूरी तरह उनका व्यक्तिगत है, पार्टी का नहीं। टीएमसी की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके कई पार्टी दफ्तरों पर हमले हुए, उन्हें बंद कर दिया गया और कब्जा कर लिया गया। चुनाव आयोग को शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फाल्टा विधानसभा में 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, लेकिन ईवीएम टैम्परिंग, वोटरों को धमकाने और बूथ लूट जैसी शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान का फैसला किया। गिनती 24 मई को होगी।
जहांगीर खान ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता के लिए खास पैकेज का ऐलान किया है। ऐसे में इलाके में शांति और विकास की जरूरत को देखते हुए उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला छोड़ दिया। भाजपा इसे अपनी जीत बता रही है, जबकि टीएमसी इसे दबाव का नतीजा मान रही है।
पिछले दिनों जहांगीर खान के करीबी सहयोगी की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिससे तनाव और बढ़ गया था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान को बदले की भावना वाली कार्रवाई से सुरक्षा दी थी, लेकिन माहौल पहले से ही गरम था।
Published on:
19 May 2026 07:41 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
