
ममता बनर्जी(फोटो-ANI)
TMC: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब एक और मुद्दा बंगाल में निकलकर सामने आया है। फाल्टा उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने अपना पांव पीछे खींच लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वो इस चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। एक दिन बाद 21 मई को फाल्टा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। जहांगीर खान पर टीएमसी ने कहा है कि यह जहांगीर खान का निजी फैसला है। साथ ही यह भी कहा कि जहांगीर खान दबाव के आगे झुक गए।
टीएमसी ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट लिखकर चुनाव आयोग पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। टीएमसी ने कहा कि 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से, अकेले फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हमारी पार्टी के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिन-दहाड़े डरा-धमकाकर पार्टी के कई दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई, उन्हें बंद कर दिया गया और उन पर जबरन कब्जा कर लिया गया। चुनाव आयोग पर बोलते हुए टीएमसी ने कहा कि इतना सबकुछ होने के बावजूद चुनाव आयोग बार-बार शिकायतें मिलने पर भी आंखें मूंदे बैठा है।
टीएमसी ने आगे जोड़ा कि इतने दबाव के बावजूद, हमारे कार्यकर्ता चट्टान की तरह अडिग हैं और एजेंसियों तथा प्रशासन के जरिए बीजेपी द्वारा फैलाए जा रहे डर का लगातार विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग आखिरकार दबाव के आगे झुक गए और उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का फैसला कर लिया। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। अंत में पार्टी ने जोड़ा कि बांग्ला विरोधी' बीजेपी के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी, पश्चिम बंगाल में भी और दिल्ली में भी।
उपचुनाव से पीछे हटने पर टीएमसी नेता जहांगीर खान ने कहा कि मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति बनी रहे और उसका विकास हो। हमारे मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए मैं इस निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं।
Updated on:
19 May 2026 04:44 pm
Published on:
19 May 2026 04:42 pm
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