
Kolkata law college rape case ( photo - patrika network )
कोलकाता लॉ कॉलेज रेप केस में दो अहम फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आई हैं, जिनमें तीनों मुख्य आरोपियों के इस मामले में संलिप्तता होने की पुष्टि की गई है। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से एक आरोपी दुष्कर्म का मुख्य आरोपी है, जबकि बाकी दो ने ऐसा करने में उसकी मदद की थी। सिटी पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें से पहली फोरेंसिक रिपोर्ट मनोजित मिश्रा के मोबाइल फोन के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है, जो कि लॉ कॉलेज छात्रा से रेप के अपराध का मुख्य दोषी है।
मोबाइल फोन की जांच से हुआ खुलासा
सिटी पुलिस अधिकारी ने बताया कि मिश्रा के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच से हमें पिछले महीने लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए रेप के बारे में पुख्ता सबूत मिले हैं। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इस जांच ने मिश्रा द्वारा पहले भी किए गए इसी तरह के यौन शोषण के आरोपों के बारे में भी खुलासा किया है। हालांकि अधिकारी ने इसके बाद इस मामले पर और अधिक जानकारी देने से मना कर दिया।
घटनास्थल से इकट्ठे किए गए खून के नमूनों की जांच
दूसरी फॉरेंसिक रिपोर्ट घटनास्थल और खासतौर पर लॉ कॉलेज के गार्ड रूम से इकट्ठे किए गए खून के नमूनों के आधार पर तैयार की गई है। सिटी पुलिस के अधिकारी के मुताबिक इस रिपोर्ट में मिश्रा के साथ साथ दो अन्य आरोपियों, जयब अहमद और प्रमित मुखोपाध्याय के अपराध में संलिप्त होने के महत्वपूर्ण सबूत मिले है। अधिकारी ने आगे कहा, सीधे शब्दों में कहें तो, इन दो फॉरेंसिक रिपोर्टों में मुख्य आरोपी के खिलाफ मामले को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री है।
मामले में 60 गवाहों के बयान दर्ज
बता दे कि मिश्रा को इस अपराध में मुख्य दोषी और अहमद और मुखोपाध्याय को इस अपराध में मदद करने वाला (सहयोगी) पाया गया है। मामले की जांच कर रही टीम ने अब तक इस मामले में 60 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इन बयानों के साथ-साथ, लॉ कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिली फुटेज ने भी इम मामले को सुलझाने में काफी मदद की है। इन सबूतों की मदद से आरोपी के खिलाफ एक मजबूत केस बन पाया, जिसमें उसका बचना मुश्किल है।
आरोपियों का चाल-ढाल विश्लेषण किया
लॉ कॉलेज परिसर की फुटेज में तीनों आरोपी पीड़ित को खींचकर गार्ड रूम में ले जाते हुए दिख रहे है। यहीं उन्होंने कथित तौर पर गैंगरेप की इस घटना को अंजाम दिया था। इस फुटेज की पुष्टि करने के लिए जांच अधिकारियों ने इसी हफ्ते तीनों आरोपियों का चाल-ढाल विश्लेषण किया था। यह एक वैज्ञानिक तरीका है जिससे आरोपियों के शारीरिक हाव-भाव का मिलान सीसीटीवी कैमरा में दिख रहे व्यक्ति के चाल-ढाल से किया जाता है।
Updated on:
26 Jul 2025, 12:50 PM IST
Published on:
26 Jul 2025, 12:50 PM IST
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.