
Lok Sabha Elections 2024 /strong> : देश की आजादी के बाद शासन तंत्र
व समय कितना बदल गया है। पहले प्रजा की किस्मत राज परिवारों पर टिकी रहती थी। अब लोकतंत्र में प्रजा ही राजा है और पूर्व के राज परिवारों के सदस्यों के भाग्य का फैसला आम जनता के हाथ में है। अब तक के लोकसभा और विधानसभाओं के चुनावों में पूर्व राजघरानों का अच्छा खासा दखल रहा है। हर चुनाव में मतदाताओं ने पूर्व राज परिवारों के सदस्यों को सिर-आंखों पर बिठाया है। 18वीं लोकसभा के चुनाव में भी कई राज्यों में पूर्व राजघरानों के सदस्य चुनावी मैदान में हैं। इस बार भाजपा एक खास रणनीति के साथ लोकसभा चुनाव के रण में उतरी है। भाजपा ने कई पूर्व राजपरिवारों के सदस्यों को मैदान में उतारा है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, पंजाब सहित कई राज्यों की लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे पूर्व राजघरानों से जुड़े प्रत्याशियों पर भी लोगों की नजर है। उनके प्रचार के तरीकों को भी जनता देख रही है। कई ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो पहले से ही उसी सीट से सांसद हैं। कुछ पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं तो कुछ पार्टी बदलकर चुनावी समर में उतरे हैं।
पिछला चुनाव हारे, फिर लड़ रहे सिंधिया
गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (53) को भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा है। पूर्व ग्वालियर राजघराने के सदस्य ज्योतिरादित्य पहले कांग्रेस से चार बार सांसद रह चुके हैं। वह 2019 में भाजपा के केपी सिंह से चुनाव हार गए। मार्च 2020 में सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए। बाद में राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए और केंद्रीय मंत्री बने। अब फिर चुनाव मैदान में हैं।
पटियाला : परनीत कौर
पटियाला के पूर्व शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी सांसद परनीत कौर भाजपा के टिकट पर पटियाला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं। अमरिंदर सिंह के पिता पटियाला रियासत के अंतिम महाराजा थे। परनीत कौर पहले कांग्रेस में थी, लेकिन उनके पति जब भाजपा में शामिल हो गए तो वे भी भाजपा में आ गईं। लोकसभा चुनाव 2019 में इस सीट से कांग्रेस से सांसद चुनी गई थीं।
झालावाड़ सीट पर लंबे समय से पूर्व राज घराने का कब्जा
राजस्थान की झालावाड़-बारां लोकसभा सीट से फिर से धौलपुर के पूर्व राज परिवार के सदस्य दुष्यंत सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। दुष्यंत सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराजे के पुत्र हैं। उनके पिता और मां दोनों ही पूर्व राजघरानों से हैं। धाैलपुर के पूर्व राजघराने का इस सीट पर गत 35 साल से कब्जा है। इस सीट से कोटा के पूर्व राज परिवार के सदस्य स्व. बृजराज सिंह भी सांसद रह चुके हैं।
राजसमंद से फिर पूर्व राजपरिवार की सदस्य
मैदान में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की सदस्य महिमा कुमारी को राजसमंद लोकसभा सीट से भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। विधानसभा चुनाव में नाथद्वारा सीट से भाजपा ने उनके पति विश्वराज मेवाड़ को मैदान में उतारा और वे विधायक चुने गए। राजपूत बाहुल्य इस क्षेत्र में उन्हें टिकट दिया है। इससे पहले 2019 में भी यहां से जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य दिया कुमारी सांसद चुनी गई थीं।
यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार
मैसूर के पूर्व शाही परिवार के सदस्य यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार को भाजपा ने मैसूर सीट से टिकट दिया है। यदुवीर से पहले उनके दादा श्रीकांतदत्त नरसिम्हराजा वाडियार 1999 तक मैसूर से चार बार कांग्रेस सांसद रहे।
कृति सिंह देबबर्मा
पूर्वी त्रिपुरा सीट से भाजपा ने पूर्व माणिक्य राजघराने से ताल्लुक रखने वाली कृति सिंह देबबर्मा को टिकट दिया है। वे टिपरा मोथा पार्टी के नेता प्रद्योत देबबर्मा की बड़ी बहन हैं। टिपरा मोथा पार्टी हाल ही में एनडीए में शामिल हुई है। कृति के पति योगेश्वर राज सिंह कवर्धा के पूर्व राज परिवार से हैं।
मालविका केशरी देव
ओडिशा में पूर्व बीजेडी सांसद अर्का केसरी देवी की पत्नी और कालाहांडी के पूर्व राजघराने की सदस्य मालविका केशरी देव 2023 में भाजपा में शामिल हो गईं थीं। अब वे कालाहांडी लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी हैं।
राजगढ़ से दिग्विजय सिंह
पूर्व की राघौगढ़ रियासत के राजा रहे बलभद्र सिंह के पुत्र दिग्विजय सिंह (77) कांग्रेस से उम्मीदवार हैं। वे पहले भी यहां से दो बार सांसद रह चुके हैं। दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उनके भाई लक्ष्मण सिंह इस सीट से पांच बार सांसद रह चुके हैं।
राजलक्ष्मी शाह
भाजपा ने उत्तराखंड के टिहरी के पूर्व राजघराने की सदस्य राजलक्ष्मी शाह को टिहरी-गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से इस बार फिर से मैदान में उतारा है।
अमृता रॉय
भाजपा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर के पूर्व राजघराने की वंशज अमृता रॉय को चुनाव मैदान में उतारा है। वे कृष्णानगर सीट से तृणमूल नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी।
Published on:
03 Apr 2024 07:50 am
