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Manipur Violence: अमित शाह की बैठक से पहले मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, उपद्रवियों ने मंत्री का गोदाम फूंका

Manipur Violence: मणिपुर में बीते 52 दिनों से जातीय हिंसा जारी है। उपद्रवियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच खबर आ रही है की अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले यहां हिंसा फिर भड़क गई। इस हिंसा में एक मंत्री के गोदाम को उपद्रवियों ने फूंक दिया गया।

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Manipur Violence: अमित शाह की बैठक से पहले मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, उपद्रवियों ने मंत्री का गोदाम फूंका

Manipur Violence: अमित शाह की बैठक से पहले मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, उपद्रवियों ने मंत्री का गोदाम फूंका

manipur violenceपिछले 52 दिनों से मणिपुर में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के हालात पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है, वहीं खबर आ रही है कि मणिपुर में उपद्रवी भीड़ ने राज्य सरकार में मंत्री एल सुसींद्रो के इंफाल पूर्वी जिले के चिनगारेल स्थित निजी गोदाम में आग लगा दी, इसके बाद उपद्रवी भीड़ यहीं नहीं रुके, उन्होंने फिर उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री सुसींद्रो के इसी जिले के खुरई इलाके में स्थित आवास और अन्य संपत्तियों को भी आग के हवाले करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी दिखाई और वक्त रहते एक्शन लिया जिससे मंत्री का घर बच गया।


सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे

उपद्रवियों की भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के कई गोले दागे, ताकि भीड़ को मंत्री के खुरई स्थित आवास का घेराव करने से रोका जा सके। इस घटना में किसी के भी हताहत होने की जानकारी नहीं है। भीड़ ने इस दौरान आटोमेटिक हथियार से फायरिंग भी की, लेकिन सुरक्षाबलों ने खुद को बचा लिया।

बता दें कि इससे पहले 14 जून की रात को भी राज्य की महिला मंत्री नेमचा किपगेन के इंफाल पश्चिम जिले के लामफेल इलाके स्थित घर को अज्ञात लोगों ने जला दिया था। इसके अगले दिन केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर पर हमला किया गया था और उसे जलाने की कोशिश की गई थी। लेकिन असम राइफल्स के जवान ने वक्त रहते एक्शन लेते हुए उसे बचा लिया।

मेघालय पहुंचे विस्थापितों पर नजर रखने के निर्देश

पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों की तरह ही मणिपुर से लोग अपनी जान बचाने के लिए मेघालय भी पहुंच रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री संगमा ने सम्बंधित अधिकारियों को मणिपुर से आए लोगों पर नजर रखने कहा है। संगमा ने कहा है कि मणिपुर में हालात नाजुक हैं, लेकिन हमें अपने राज्य के नागरिकों का भी खयाल रखना है, इसलिए वहां से आने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड रखना जरूरी है।

आज गृहमंत्री करेंगे बैठक

मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई हिंसा के 52 दिन पूरे हो गए हैं, इस दौरान हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते चले गए हैं। इसे लेकर गृहमंत्री अमित शाह आज दोपहर 3 बजे से दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस मीटिंग पर मणिपुर के शिक्षा मंत्री बसंता सिंह ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय पार्टियों के साथ मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा होगी।

बता दें कि इस बैठक को विपक्षी पार्टियां जैसे कांग्रेस और स्थानीय दलों ने बहुत लेट और नाकाफी बताया है। कांग्रेस का कहना है कि अगर मणिपुर के लोगों के साथ बातचीत की कोशिश दिल्ली में बैठकर की जाएगी, तो इसमें गंभीरता नहीं दिखेगी, लोगों को भरोसा नहीं होगा। इसलिए गृहमंत्री को ये बैठ दिल्ली की बजाय मणिपुर में ही करनी चाहिए।