script पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित होंगी मुनाबाव जैसी सैन्य विरासतें | Military heritage like Munabao will be developed as tourist circuit | Patrika News

पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित होंगी मुनाबाव जैसी सैन्य विरासतें

locationनई दिल्लीPublished: Aug 04, 2023 07:48:35 pm

Submitted by:

Suresh Vyas

- पंजाब के हुसैनीवाला में पहला सैन्य विरासत गाइडेड टूर 12 को

पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित होंगी मुनाबाव जैसी सैन्य विरासतें
पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित होंगी मुनाबाव जैसी सैन्य विरासतें

नई दिल्ली। राजस्थान के जैसलमेर से सटी भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित ऐतिहासिक युद्धस्थल मुनाबाव समेत देश की आधा दर्जन से अधिक सैन्य विरासतों को पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा सेवाओं से जुड़े देश के प्रतिष्ठित थिंक टैंक यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (यूएसआई) और तकनीकी शिक्षा की अग्रणी संस्थान पीसीटीआई ने देश में सैन्य विरासत पर्यटन की संभावनाओं का पता लगाने और इन सैन्य विरासतों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करार किया है। इसके तहत सैन्य विरासतों पर गाइडेड ट्यूर आयोजित किए जाएंगे। ऐसा पहला ट्यूर 12 अगस्त को पंजाब के फिरोजपुर की सैन्य विरासत हुसैनीवाला पर आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय सूचना-तकनीकी मंत्रालय की इकाई सीएससी-ई गवर्नेंस इंडिया इस ट्यूर के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करवाएगी।

यूएसआई के सहायक महानिदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) पी.के. गोस्वामी ने संवाददाताओं को बताया कि देशी विदेशी पर्यटकों का एक बड़ा वर्ग देश की सैन्य उपलब्धियों और ऐतिहासिक सामरिक घटनाओं को समझना चाहता हैं, ताकि वे गर्व कर सकें। सैन्य विरासत पर्यटन देसी-विदेशी पर्यटकों के साथ पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को भी भावनात्मक रूप से आकर्षित करेगी। इसके मद्देनजर इम्फाल (मणिपुर), कोहिमा (नागालैंड), गुवाहाटी (असम), तवांग (अरुणाचल प्रदेश) जम्मू-कश्मीर, कारगिल (लद्दाख) और पंजाब में करतारपुर कॉरिडोर में पठानकोट और फिरोजपुर, जैसलमेर में लोंगेवाला, दिल्ली के आसपास का क्षेत्र और इंदौर के पास महू को वार हैरिटेज टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

यूएसआई के निदेशक स्क्वॉड्रन लीडर (रिटायर्ड) आरटीएस छिन्ना के अनुसार पहले सर्किट के रूप में चयनित हुसैनीवाला में पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 में ऐतिहासिक युद्ध हुए हैं। क्रान्तिकारी भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव जैसे महान शहीदों का अंतिम संस्कार इसी गांव में हुआ था। ऐसे में इसका ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व भी है। इसी वजह से पहले सर्किट के रूप में यहां गाइडेड टूर आयोजित किया जा रहा है। पीसीटीआई के अध्यक्ष व कॉ-एमडी मेजर (रिटायर्ड) सुशील गोयल व सीएससी- एसपीवी के प्रबंध निदेशक श्री संजय कुमार राकेश ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

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