Jammu and Kashmir Attack: 'पूछा गया कि क्या वह मुस्लिम है और फिर उसे गोली मार दी' 16 अप्रैल को शादी करने वाला यह जोड़ा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अपने हनीमून पर था , जब आतंकवादियों ने अधिकारी को उसकी पत्नी के सामने गोली मार दी।
Pahalgam Terror Attack: चंडीगढ़, कर्नाटक से एक दिल दहला देने वाली खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, जो भारतीय नौसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे, अपने हनीमून के दौरान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का शिकार हो गए। 16 अप्रैल को मंसूरी में अपनी डेस्टिनेशन वेडिंग और 19 अप्रैल को कर्नाटक में रिसेप्शन के बाद, विनय और उनकी पत्नी हिमांशी ने 21 अप्रैल को कश्मीर में हनीमून शुरू किया था। लेकिन 23 अप्रैल को, शादी के महज एक हफ्ते बाद, विनय की जिंदगी एक भयावह त्रासदी में बदल गई।
पहलगाम के बाइसरण घाटी में आतंकियों ने हमला कर दिया, जिसमें विनय की मौत हो गई। हिमांशी, जो पास ही बैठी थीं, ने एक वीडियो में बताया, "मैं अपने पति के साथ भेल पूरी खा रही थी। अचानक एक व्यक्ति आया और सब खत्म हो गया।" विनय का शव एक भूरे मैदान पर पड़ा था, पास में उनका काला बैकपैक पलटा हुआ था। हिमांशी सदमे में हैं और कहती हैं, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि जिसके साथ मैंने जिंदगी की नई शुरुआत की, वह अब नहीं है।
विनय, जो 27 साल के थे, भुवनेश्वर में पैदा हुए और कर्नाटक में पले-बढ़े। उन्होंने कर्नाटक के सेंट कबीर स्कूल से पढ़ाई की और बाद में दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। 15 साल पहले उनका परिवार भुवनेश्वर से कर्नाटक शिफ्ट हो गया था। 40 दिनों तक चले उनके शादी समारोह में शामिल होने के बाद, विनय और हिमांशी ने कश्मीर की खूबसूरत वादियों में कुछ पल बिताने का फैसला किया था। लेकिन सपनों का यह सफर एक दुःस्वप्न में बदल गया।
विनय के दादा हवा सिंह, जो हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड हैं, ने कहा, "हमने कभी नहीं सोचा था कि यह यात्रा इस तरह खत्म होगी। वह नौसेना में शामिल होना चाहता था, और उसने अपने सपने को पूरा किया।" विनय के पड़ोसियों और दोस्तों ने भी उनके जन्मदिन की तैयारियों की बात की, जो 1 मई को होने वाला था। उनके पिता राजेश कुमार, एक सुपरिंटेंडेंट, और मां आशा देवी, जो पंचायत में कार्यरत हैं, सदमे में हैं। विनय की बहन श्रुति ने पूछा, "मेरे भाई का क्या कसूर था?"
नायब सिंह सैनी से बातचीत करते हुए विनय की बहन ने आपा खो दिया। उन्होंने रोते हुए कहा, ‘कोई नहीं आया डेढ़ घंटा तक। वहां कोई भी नहीं आया, वह जिंदा था और कोई आता तो वह बच सकता था। वहां आर्मी होती तो वह बच सकता था। इसके आगे वह रोते-चिल्लाते हुए कहती हैं कि मुझे वह मरा हुआ चाहिए, जिसने मेरे भाई को मारा। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह मरेगा, जिसने विनय नरवाल को मारा।’
23 अप्रैल को विनय का अंतिम संस्कार कर्नाटक में किया गया। इस दौरान मूडल टाउनशिप पुजारी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया। नायब सिंह सैनी ने कहा, "हम तेजी से न्याय सुनिश्चित करेंगे।" विनय के दोस्तों ने बताया कि वह स्विट्जरलैंड जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन कश्मीर में अनुमति नहीं मिलने के कारण यह यात्रा रद्द कर दी गई थी।
स्थानीय लोगों और विनय के परिजनों ने रक्षा बलों की कमी पर सवाल उठाए। कर्नाटक के विधायक अनंत और आसंध एमएलए योगेंद्र सिंह राणा ने कहा कि नौसेना के जवान की मौत रक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विनय के चचेरे भाई आदम दिनेश ने कहा, "हम इस दुख को कभी नहीं भूल पाएंगे। यह हमारी जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल है।" यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।