
स्कूल की आड़ में ड्रग्स फैक्ट्री (X)
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के सिकंदराबाद इलाके के बोयनपल्ली क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की एलीट ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (ईगल) टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मेधा हाई स्कूल में छापेमारी की, जहां स्कूल को बंद करके बड़े पैमाने पर ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री चला रही थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 7 किलोग्राम से अधिक नशीली दवाओं की जब्ती की, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, स्कूल का मालिक गौड़ इस अवैध धंधे का मास्टरमाइंड है। उसने स्कूल को बंद कर दिया था और दिन के समय ड्रग्स (मुख्य रूप से अल्प्राजोलम जैसी नशीली गोलियां) बनाने का कारोबार चला रहा था। शाम को वह ट्यूशन क्लासेस का बहाना बनाकर छात्रों को पढ़ाता था, ताकि आसपास के लोगों को कोई शक न हो। छापेमारी के दौरान स्कूल की पांच कक्षाओं में पढ़ाई का दिखावा था, लेकिन छठी कक्षा में ड्रग्स बनाने की मशीनरी और रसायन मिले।
ईगल टीम ने छापे में रिएक्टर, नकदी, नशीली दवाओं के अलावा अन्य सामग्री भी बरामद की। इस मामले में गौड़ समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह छापेमारी सिकंदराबाद के ड्रग माफिया को बड़ा झटका है। आगे की जांच में और खुलासे होने की संभावना है।
स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह स्कूल इलाके के बच्चों का केंद्र था। पुलिस ने आसपास के 26 स्कूलों और कॉलेजों को ड्रग्स के खतरे के बारे में चेतावनी जारी की है। यह घटना शिक्षा संस्थानों में ड्रग्स के प्रसार को रोकने के लिए सतर्कता की जरूरत पर जोर दे रही है।
Updated on:
14 Sept 2025 01:14 pm
Published on:
14 Sept 2025 11:01 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
