
इस तरह के करीब 80 मकान चिह्नित किए हैं सिंगोली में
नीमच. सिंगोली में एक ओर दो जून की मध्यरात्रि में जर्जर मकान के गिरने से मां ओर बेटे दोनों की अकाल मृत्यु हो गई थी। जर्जर मकान के गिरने की घटना ने परिषद के प्रधानमंत्री आवास योजना की भी पोल खोलकर रख दी थी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया था। वहीं जर्जर मकानों को जमीदोज किए जाने के कलेक्टर के आदेश की नगर परिषद पूरी तरह से हवा निकाल दी गई है।
80 जर्जर मकानों को थमाए नोटिस
जर्जर मकान ढहने की दर्दनाक घटना में नगर के वार्ड 13 निवासी मां-बेटे (सौसर बाई व निलेश जैन) की मौत हो गई थी। घटना को लेकर प्रशासन के खिलाफ चौतरफा विरोध को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने आनन फानन में मृतकों के परिजन को 9 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर इतिश्री कर ली थी। कलेक्टर ने साथ ही जिले में स्थित जर्जर भवनों को चिन्हित कर उन्हें गिराने का आदेश जारी किया था। कलेक्टर के आदेश पर सिंगोली नगर परिषद ने कस्बे के विभिन्न वार्डों में लगभग 80 मकानों को चिह्नित किया था। उनके मालिकों को नोटिस जारी कर जर्जर मकानों को ध्वस्त करने के निर्देश दे दिए थे। घटना को लगभग एक माह होने को है, लेकिन नगर परिषद ने नोटिस देने के बाद आगे कोई ठोस कार्रवाई आज दिन तक नही की है।
फिर गिरा जर्जर मकान का छज्जा
परिषद की लापरवाही से अभी तक खड़े उसी जर्जर मकान में शनिवार को अचानक छज्जा गिरा और फिर से मकान में ही तीन छतों का मलबा नीचे गिर पड़ा। बरसात के मौसम में जर्जर मकानों को लेकर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में उक्त जर्जर मकान, पास के अन्य मकान को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे पास में रहने वाले परिवारों में भय व्याप्त है। नगर परिषद की अनदेखी से यही प्रतीत होता हैं कि उसके जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए फिर से किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार में हैं।
कार्य में लगने वाले खर्च की व्यवस्था कहां से करें
सीएमओ सिंगोली ऋषिकांत यादव ने बताया कि जर्जर मकानों को गिराने के लिए परिषद कार्य कर रही है। परिषद की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं हैं। इस कार्य में लगने वाले खर्च की व्यवस्था कहां से करें। जिस मकान में दो लोगों की मौत हुई हैं, उसको गिराने में 40 हजार की लेबर लग रही है। मकान मालिक सहयोग नहीं कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारी ऐसे मकानों का अधिग्रहण करके उनको नीलामी के बाद खर्च काटकर बाकी भुगतान मकान मालिक को करवाने के आदेश कर सकते हैं।
Updated on:
30 Jun 2026, 11:56 AM IST
Published on:
30 Jun 2026, 11:54 AM IST
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