26 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रांसफर हो चुका जिला संयोजक 1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ाया, नीमच कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का एक्शन

Lokayukta Action- जिला संयोजक राकेश राठौर का हाल ही में स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन विभाग से विदाई से पहले ही रिश्वतखोरी का यह मामला सामने आया है।
2 min read
Google source verification

नीमच

image

Akash Dewani

Jun 25, 2026

tribal welfare department district coordinator arrested taking bribe lokayukta action

Ujjain Lokayukta Action- अजाक विभाग का जिला संयोजक 1 लाख की घूस लेते गिरफ्तार (फोटो सोर्स- Patrika)

District Coordinator Arrested- मध्य प्रदेश के नीमच जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गुरुवार को लोकायुक्त उज्जैन ने बड़ी कार्रवाई (Lokayukta Action)करते हुए जिला संयोजक राकेश राठौर और उत्कृष्ट बालक छात्रावास नीमच के अधीक्षक हरीश चौहान को एक लाख रुपये की रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि जिला संयोजक राकेश राठौर का हाल ही में स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन विभाग से विदाई से पहले ही रिश्वतखोरी का यह मामला सामने आने से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

लोकायुक्त की यह कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय परिसर में संचालित आदिम जाति कल्याण विभाग (Tribal Welfare Department) के कार्यालय से जुड़ी है। जिस परिसर में जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी बैठते हैं, वहीं एक लाख रुपये की रिश्वत का लेन-देन पकड़े जाने से सरकारी कार्यप्रणाली और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

लंबित वेतन जारी करने के नाम पर मांगी रिश्वत

लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि शिकायतकर्ता कुर्दुला एक्का, अधीक्षिका, जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि छात्रावास संचालन में अनियमितताओं के चलते कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी। जांच में सहयोग करने तथा उनका लंबित वेतन जारी कराने के नाम पर जिला संयोजक राकेश राठौर और छात्रावास अधीक्षक हरीश चौहान द्वारा 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की राशि आरोपियों तक पहुंचाई गई। जैसे ही अधिकारि ने राशि स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

लोकायुक्त उज्जैन ने आरोपी अधिकारियों को किया गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान एक लाख रुपये की रिश्वत राशि हरीश चौहान की पैंट की दाहिनी जेब से बरामद की गई। इसके बाद आरोपि के हाथ धुलवाने सहित अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर मौके पर पंचनामा तैयार किया गया। लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत से जुड़े आवश्यक साक्ष्य भी जब्त किए हैं।मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

चर्चा का विषय बना ये मामला

जिले में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि स्थानांतरण के बाद विभाग छोड़ने की तैयारी कर रहे अधिकारी का नाम इतनी बड़ी रिश्वतखोरी की कार्रवाई में सामने आया है।लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में भी हलचल देखी जा रही है। प्रशासनिक गलियारों में दिनभर इस ट्रैप की चर्चा होती रही और इसे जिले की हालिया सबसे बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।ट्रैप दल में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल,निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत,आरक्षक उमेश जाटव,आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक मोहम्मद इसरार, आरक्षक संजीव कुमारिया तथा कंप्यूटर ऑपरेटर अंजली पुरानिया शामिल रहे।