छिंदवाड़ा कम अटेंडेंस स्टूडेंट्स पर सीबीएसई सख्त रुख अपना सकता है। जानकारी के मुताबिक सीबीएसई ऐसे स्टूडेंट्स को बोर्ड एग्जाम में बैठने की अनुमति नहीं देगा। क्लास इलेवंथ और ट्वैल्थ में स्टूडेंट्स की कम हो रही अटेंडेंस के चलते सीबीएसई ने यह कदम उठाने का फैसला लिया है। सीबीएसई के पास शिकायतें आ रही हैं कि स्टूडेंट्स स्कूल जाने की बजाय कोचिंग सेंटर पर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं और वहीं उन्हें 11वीं और 12वीं का सिलेबस भी पढ़ाया जा रहा है। साथ ही स्टूडेंट्स की अटेंडेंस भी मैनेज की जा रही है। सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में यह मुद्दा उठ चुका है कि कोचिंग सेंटर्स और स्कूल्स की मिलीभगत की वजह से ऐसा हो रहा है। बोर्ड के सीनियर अधिकारियों का मानना है कि अधिकतर स्कूलों में ऐसा हो रहा है। अधिकारियों ने मीटिंग में कहा कि 75 फीसदी अटेंडेंस के नियम को सख्ती से फॉलो करवाना जरूरी है। पैरेंट्स को समझना होगा कि क्लास रूम टीचिंग का बड़ा महत्व है।