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 दिन में पाठशाला, रात में मधुशाला!

स्कूलों को वैसे तो ज्ञान का मंदिर कहा जाता है लेकिन यदि यह कहा जाए कि  दिन में ज्ञान की गंगा बहाने वाले स्कू ल रात में मयखाने में तब्दील हो जाते हैं तो शायद आप यकीन न करें लेकिन यह हकीकत है।

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Prashant Sahare

Dec 28, 2016

seoni

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दिन में पाठशाला, रात में मधुशाला!
सिवनी. स्कूलों को वैसे तो ज्ञान का मंदिर कहा जाता है लेकिन यदि यह कहा जाए कि दिन में ज्ञान की गंगा बहाने वाले स्कू ल रात में मयखाने में तब्दील हो जाते हैं तो शायद आप यकीन न करें लेकिन यह हकीकत है। हकीकत किसी दूर-दराज गांव के स्कूल की नहीं बल्कि जिला मुख्यालय में स्थित एक स्कूल की है। जो रात में मधुशाला में तब्दील हो जाती है। कमाल यह है कि इस स्कूल में चौकीदार भी है और सफाई करने वाले भी लेकिन बच्चों को शराब की खाली बोतलों और उसके साथ खाए जाने वाले नमकीन के बीच बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
यह स्कूल है जिला मुख्यालय के मंगलीपेठ में स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल मठ मंदिर। क्रिसमस की छुट्टियों के बाद बुधवार को जब स्कूल खुला तो पहली मंजिल में बने कक्षा छठवी के कमरे में भीतर का नजारा छात्राओं के लिए चौंकाने वाला था। कमरे में हर ओर गंदगी फैली हुई थी। जहां-तहां नमकीन के पैकेट पड़े हुए थे और टेबिल में शराब की खाली बोतल पड़ी हुई थी जो यह बताने के लिए काफी थी कि वहां बीती रात में क्या हुआ होगा।
इसके बावजूद छात्राओं ने कुछ जगह पर सफाई कर ली और पढ़ाई करने लगीं। हाफ टाइम के बाद जब पत्रिका की टीम मौके पर पहुंची तब भी हालात में सुधार नहीं हुआ था। टेबिल पर शराब की बोतल जस-की-तस थी और नमकीन भी बिखरा पड़ा हुआ था। कोने में सिमटी छात्राएं पढ़ाई कर रही थीं।
इस मामले में जब स्कूल के प्राचार्य एमके सैय्याम को जब इस बारे में जानकारी दी गई तो पहले तो उन्होंने इस तरह की किसी भी बात से इंकार किया लेकिन जब उनसे कक्षा में चलकर देखने को कहा गया तो वे कक्षा में पहुंचे। कक्षा का नजारा वैसा ही था। प्राचार्य ने फौरन ही चौकीदार को तलब किया इसके बाद कक्षा में सफाई की गई। प्राचार्य सैय्याम का कहना है कि इस मामले में चौकीदार की गलती है। जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में कराते चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था। बाहर से आई टीमों को स्कूलों में रुकवाया गया था। कहा जा रहा है कि उसी टीम के लोगों ने संभवत: स्कूल में शराब पी होगी। इस मामले में प्राचार्य का कहना है कि टीम को रुकने के लिए नीचे के कमरे दिए गए थे। गौरतलब है कि नए कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा सत्र के दौरान स्कूलों को गैर शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नहीं दिया जाए फिर ऐसे में स्कूल को कराते चैंपियनशिप के लिए कैसे दे दिया गया।

& इस मामले में वास्तव में लापरवाही हुई है। दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सफाईकर्मी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
एमके सैय्याम, प्राचार्य, शाकउमावि मठमंदिर सिवनी।
&मामला गम्भीर है। जिसने भी यह किया है उसकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निर्मला पटले, जिला शिक्षा अधिकारी, सिवनी



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