महाअष्टमी उत्साह और धूमधाम से मनाई। प्राचीन कालिका माता मंदिर में बुधवार ब्रह्ममुहूर्त में उड़ते रंग-गुलाल के संग साधिकाओं ने जमकर गरबारास किया। गुलाल से सरोबार राधा-रुक्मिणी संग कृष्ण बन साधिकाएं गुलाबी हर-पीले केसरिया रंग के परिधान पहने झूमती नजर आई। अष्टमी पर घरों और शक्ति पीठों में मां की आराधना के साथ हवन, पूजन किया गया। मंदिरों में श्रद्धालु मां के अद्भूत शृंगार के दर्शनार्थ भक्तों की भीड़ उमड़ती रही।