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नए मुख्य सचिव ने पिता की परम्परा को आगे बढ़ाया 

गाँव छोड़ चुके राजीव कुमार के मुख्य सचिव बनने से खुश हैं उनके गाँव के लोग 

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pallavi kumari

Jun 30, 2017

rajiv kumar

rajiv kumar

नोएडा. योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर जब बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला किया तो उसमें एक नाम ऐसा भी था जो बुलंदशहर के लोगों के लिए ख़ास अनुभव देने वाला साबित हुआ. राजीव कुमार अब इस जिले की ख़ास पहचान बन चुके हैं.
बताया जाता है कि राजीव कुमार मुख्य सचिव के तौर पर मुख्यमंत्री की पहली पसंद थे, लेकिन कुछ कारणों से उनकी ये नियुक्ति अभी तक टली हुई थी. फ़िलहाल कुछ देर ही सही बुलंदशहर वासियों को उनकी वजह से एक बार फिर गौरवान्वित होने का अवसर मिल गया है.

पिता भी कर चुके हैं गाँव को गौरवान्वित

उनके गाँव शेखपुर रौरा के निवासियों का कहना है कि राजीव कुमार के परिवार ने एक बार नहीं कई बार बुलंदशहर को गौरव दिलाया है. राजीव कुमार ने इसकी शुरुआत 1981 में ही आईएएस की परीक्षा पास कर कर दी थी. गाँव वालों के मुताबिक़ उन्होंने अपने पिता चौधरी बिजेंद्र सिंह की परम्परा को ही आगे बढ़ाया है जिन्होंने 1953 में रुड़की से इंजीनियरिंग की परीक्षा पास कर गाँव को गौरव दिलाया था.

राजीव कुमार ने कहा

मुख्य सचिव के रूप में अपने पद पर नियुक्ति के बाद पत्रकरों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को बताया. राजीव कुमार ने कहा कि जनता के द्वारा चुने हुए जन प्रतिनिधियों से जनता की बहुत सी अपेक्षाएं रहती हैं. जाहिर है कि वे ज्यादा से ज्यादा उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करते हैं. लेकिन एक अधिकारी होने के नाते अपनी सीमाओं में रहते हुए उन्हें यह बताना चाहिए कि कानून की सीमाओं के अंदर रहते हुए वे उन उम्मीदों को कितना पूरा कर सकते हैं.
किसी अनुचित मांग की बात होने पर उन्हों बड़े ही संतुलित तरीके से कहा कि कोई भी बात अगर अधिकारियों को लगता है कि वह गलत है तो इसे बड़ी ही विनम्रता दिखाते हुए अस्वीकार कर देना चाहिए. इससे अधिकारी और जन प्रतिनिधि के बीच में सामंजस्य बना रहता है.