नई दिल्ली। अपने देश में तरह-तरह के टैक्स नागरिकों से वसूले जाते है। जिसमें इनकम टैक्स से लेकर वैट, सर्विस टैक्स और सेल्स टैक्स से लेकर कई टैक्स सरकार वसूलती है। लेकिन क्या आप जानते है कि विश्व के कई देश अपने नागरिकों से इनकम टैक्स नहीं लेते। ऐसे ही देशों के बारे में हम आपको बता रहे हैं-
कतर
तेल के अथाह भंडार से भरे इस देश के लोग भी बहुत अमीर है लेकिन सरकार इनकम टैक्स नहीं लगता। किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी पर आयकर, डिविडेंड, कैपिटल गेन्स व धन या संपत्ति के ट्रांसफर पर कोई टैक्स नहीं है।
ओमान
तेल उत्पादक देश ओमान अपने नागरिकों से आय पर कोई टैक्स नहीं लेता है।
कुवैत
कुवैत का कोई नागरिक आयकर नहीं देता। यहां केवल हर नागरिक को सोशल इंश्योरेंस में योगदान देना जरूरी है।
बरमूडा
यह एक छोटा देश है फिर भी यहां की सरकार कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लेती। इस देश में केवल एम्प्लॉयर को 14 फीसदी पे-रोल टैक्स देना होता है।
ब्रूनेई
इस देश में भी कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लगता। यहां बस एक इम्प्लाई ट्रस्ट फंड और सप्लीमेंटल कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम है।
संयुक्त अरब अमीरात
अमीरों का देश होने के बाद भी यहां पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इस देश में केवल विदेशी बैंक और विदेशी तेल कंपनियों की कैपिटल गेन इनकम पर नॉर्मल बिजनेस टैक्स ही लगाया जाता है।
कैमेन आईलैंड
यहां न इनकम टैक्स देना पड़ता है और न ही सोशल इंश्योरेंश फंड में योगदान। हर एम्प्लॉयर को कर्मचारियों के लिए पेंशन स्कीम चलानी होती है। इसमें लगातार नौ माह से काम कर रहे बाहरी कर्मचारी भी शामिल होते हैं।
बहरीन
बहरीन में कोई इनकम टैक्स नहीं लगता है। लेकिन सोशल इंश्योंरेंस और इम्प्लॉयमेंट टैक्स जरूर लगता है। यहां पर एम्प्लॉयर को अपने कर्मचारियों के लिए 12 फीसदी सोशल इंश्योरेंश टैक्स चुकाना होता है।
सउदी अरब
गल्फ का एक और देश सउदी अरब, जहां वेतन पर कोई टैक्स नहीं लगता है। हालांकि, स्वंय का व्यवसाय करने वाले प्रवासियों पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। इस देश में किसी व्यक्ति पर किसी अन्य तरह का कोई टैक्स लागू नहीं है।
बहमास
बहमास में भी कोई इनकम टैक्स नहीं है। यहां कैपिटल गेन, उत्तराधिकार या गिट टैक्स भी नहीं देना होता। यहां रियल इस्टेट एक्जीविशन टैक्स(स्टांप ड्यूटी) और होल्डिंग टैक्स(रियल प्रॉपटी टैक्स) लागू है।