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जम्मू-कश्मीर में पिछले साल एक भी सुरक्षा कर्मी हताहत नहीं

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दी जानकारी दी

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जम्मू-कश्मीर में पिछले साल एक भी सुरक्षा कर्मी हताहत नहीं

जम्मू-कश्मीर में पिछले साल एक भी सुरक्षा कर्मी हताहत नहीं

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पिछले साल आतंकी हमलों में एक भी सुरक्षा कर्मी हताहत नहीं हुआ। बीते चार वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है। इस दौरान आम नागरिकों के भी आतंकी हमलों में मारे जाने या घायल होने के आंकड़ों में भी कमी आई है।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकी हमलों में साल 2020 में 62 सुरक्षा कर्मियों की मृत्यु और 106 घायल हुए, लेकिन अगले तीन वर्षों के दौरान इस संख्या में लगातार कमी आई है। साल 2021 में यह संख्या क्रमशः 42 व 117 तथा साल 2022 में 31 व 87 रह गई, जबकि बीते साल 31 दिसम्बर तक एक भी सुरक्षा कर्मी ने न तो जान गंवाई और न ही घायल हुआ। इसी तरह आम नागिरकों के हताहत होने की संख्या में भी कमी आई है। साल 2020 व 2021 में 37 व 41 नागरिक मारे गए थे, जबकि साल 2022 में यह संख्या 30 और 2023 में सात रह गई। साल 2022 में आतंकी हमलों में 134 नागरिक घायल हुए थे। बीते साल यह संख्या सिर्फ 23 रह गई।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंक के विरुद्ध जीरो टोलरेंस नीति अपनाई है और वहां सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। सीआरपीएफ ने गत 6 से 25 जनवरी तक राजौरी जिला पुलिस के सहयोग से 948 ग्राम रक्षा गार्ड सदस्यों को प्रशिक्षण दिया है।

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