- धुंध के कारण उड़ानों पर भी असर, सख्ती के लिए केजरीवाल सरकार ने बनाई टास्क फोर्स
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का कहर जारी रहा। दिल्ली के डेढ़ दर्जन से अधिक इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से ज्यादा यानी गम्भीर श्रेणी में दर्ज किया गया। घनी धुंध छाई रहने से दृश्यता कम हो रही है और इसका संचालन हवाई यातायात पर भी दिखने लगा है। लखनऊ से दिल्ली आई एक उड़ान को कम दृश्यता के कारण गुरुवार को जयपुर की ओर डाइवर्ट करना पड़ा।
अगले दो-तीन दिनों तक वायु प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसके बाद पश्चिम विक्षोभ व बंगाल की खाड़ी में हवा का दबाव बनने से बदलने वाले मौसम की वजह से जरूर कुछ राहत मिलने की सम्भावना है। इस दौरान पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी से भी कुछ राहत मिल सकती है।
फिलहाल, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के मद्देनजर ग्रेप-4 की पाबंदियां सख्ती से लागू करने के लिए पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव के नेतृत्व में छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। स्पेशल कमिश्नर ट्रांसपोर्ट, डीसीपी ट्रैफिक (मुख्यालय), राजस्व विभाग के उपायुक्त (मुख्यालय) तथा एमसीडी व पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता इसके सदस्य होंगे। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के अनुसार टास्क फोर्स सभी 28 विभागों के साथ समन्वय कर पाबंदियों के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी।
अधिकारियों की बैठक में समीक्षा
राय ने अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदूषण पर अंकुश के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले 16,689 बी-3 व बी-4 चार पहिया वाहनों तथा पीयूसी नहीं होने पर 19227 वाहनों का चालान किया गया है। ग्रेप-4 के तहत 6046 ट्रकों को दिल्ली की सीमा से लौटाया गया है। साथ ही 3895 निर्माण स्थलों के निरीक्षण में पाबंदी का उल्लंघन मिलने पर 921 साइट्स चालान कर 1.85 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया गया है।